Bhilai Steel Plant और भिलाई निगम के बीच 32 करोड़ में समझौता, प्रस्ताव को सामान्य सभा का इंतजार
भिलाई इस्पात संयंत्र और नगर निगम के बीच संपत्तिकर का विवाद समाप्त हो चुका है अब जल्द ही बीएससी प्रबंधन नगर निगम के खाते में 32 करोड़ 22 लाख की राशि जमा कराएगा। लेकिन इस प्रस्ताव को निगम की सामान्य सभा का इंतजार है।

छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र और नगर पालिक निगम भिलाई के बीच 6 सालों से चल रहा विवाद अब समाप्त होने जा रहा है। क्योंकि नगर निगम भिलाई और बीएसपी के बीच सम्पत्तिकर को सहमति बनती नजर आ रही है। बीएसपी प्रबन्धन के प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद अब फैसला निगम की सामान्य सभा के इंतजार में है। लेकिन लगभग 500 करोड़ के डिमांड नोटिस और हाईकोर्ट में लम्बी सुनवाई के बाद इस तरह सिर्फ 32.22 करोड़ रुपये में समझौता करना, शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नगर पालिका निगम भिलाई में तत्कालीन आयुक्त एस के सुंदरानी के कार्यकाल में भिलाई निगम और बीएसपी प्रबन्धन के बीच सम्पत्तिकर को लेकर विवाद शुरू हुआ था। जिसमें निगम ने बीएसपी प्रबन्धन को लगभग 500 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस भेजा था। इसमें कमिश्नर ने बीएसपी पर आरोप लगाया कि बीएसपी द्वारा लगातार गलत स्व-विवरणी के द्वारा कम सम्पत्तिकर जमा किया जा रहा है। जिसके बाद निगम एक्ट के अनुसार अंतर की राशि का 5 गुना पेनाल्टी व शास्तिकर को मिलाकर नोटिस भेजा था। जिसके बाद बीएसपी ने हाईकोर्ट में नोटिस के खिलाफ याचिका लगाई थी।

सिर्फ 32 करोड़ में समझौता, सामान्य सभा का इंतजार
लेकिन अचानक बीएसपी और निगम के बीच हुआ यह फैलसा शहर और निगम अधिकारीयों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। क्योंकि लंबे समय तक चले कानूनी दांव पेंच के बाद अब लगभग 500 करोड रुपए डिमांड नोटिस को महज 32.22 करोड़ में समझौता किया जा रहा है। वहीं अब इस समझौते को शासन ने सामान्य सभा की अनुमति के लिए लौटा दिया है। जिसके बाद इसे शासन से अनुमति मिल सकेगी।
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इस वजह से निगम को लेना पड़ा फैसला
निगम के वरिष्ठ कर्मचारियों का यह भी कहना है कि नगर पालिक निगम भिलाई की खराब होती आर्थिक स्थिति के आगे प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। क्योंकि हर माह निगम के स्थापना व्यय को लेकर आर्थिक संकट का सामना निगम को करना पड़ रहा है। निगम के अन्य खर्चों के अलावा, बिजली पानी, ठेकेदारों के लंबित भुगतान बकाया हैं। जिसके लिए निगम को यह विवाद समाप्त करना पड़ा है।
अब एक साथ टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा बीएसपी
बीएसपी और नगर निगम के झगड़े के बीच 6 साल तक भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप क्षेत्र से संपत्ति कर नहीं वसूला गया। जबकि सभी अलॉटी संपत्तिकर जमा करना चाहते थे। निगम ने भी करदाता के नाम पर सम्पत्ति का रिकॉर्ड नहीं होने पर सम्पत्तिकर नहीं वसूला। जिसकी वजह से साल 2016 से लेकर साल 2022 तक सभी सम्पत्तिकर दाताओं का भुगतान लंबित रहा। अब बीएसपी इसे एक साथ वसूलने जा रही है।
अब इतनी राशि जमा कराएगा निगम
बीएसपी प्रबंधन के द्वारा संपत्तिकर मामले में नगर पालिक निगम भिलाई के अधिकारियों के साथ बैठकर आपसी सहमति बना ली गई है। बीएसपी द्वारा साल 2016 से साल 2022 की अवधि का बकाया कर 32 करोड़ 22 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ हर साल 13 करोड़ 75 लाख रुपये का भुगतान निगम को सम्पतिकर के रूप में करेगा। इसके साथ ही पांच गुना अधिभार को भी समाप्त कर दिया गया है।












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