Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Delhi New CM: दिल्ली में सरकार बनाने से पहले BJP की बढ़ी माथापच्ची, 10 पदों से सभी समीकरणों को साधने की चुनौती

Delhi New CM: दिल्ली में मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक-एक करके कई नव-निर्वाचित विधायकों से बात की है। वैसे इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है,लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री और मंत्री पद को लेकर गहमागहमी है,इन बैठकों की अहमियत बढ़ गई है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी बैजयंत पांडा और प्रदेश भाजपा के दिग्गजों की विधायकों और अन्य नेताओं के साथ बातचीत का दौर लगातार जारी है।

दरअसल, दिल्ली में सत्ताधारी दल होने के नाते भाजपा के पास कुल 10 प्रमुख पद हैं और इन्हीं में से पार्टी को सारे जातिगत और अन्य सामाजिक- चुनावी समीकरण साधने हैं। जिनमें से मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 7 मंत्री बनाए जा सकते हैं। एक विधानसभा अध्यक्ष और एक विधानसभा का उपाध्यक्ष का पद हो गया। 10वां पद विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक का हो सकता है, जिसके बारे में पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसे भी राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त होता है।

delhi new cm

Delhi New CM: दिल्ली में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 7 मंत्रियों का प्रावधान

भारतीय संविधान के तहत केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते दिल्ली में अधिकतम 10% एमएलए (MLA)मंत्री बनाए जा सकते हैं। 1991 के संविधान संशोधन अधिनियम के अनुसार,'एक मंत्रिपरिषद होगा, जो विधानसभा के कुल सदस्यों के 10 फीसदी से अधिक नहीं होगा,इसका प्रमुख मुख्यमंत्री होगा जो उप राज्यपाल को सलाह देगा।'

Delhi New CM: कुल 10 पदों के माध्यम से ही सभी तरह के सामाजिक समीकरणों को साधने की चुनौती

बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के सामने विकल्प सीमित हैं, लेकिन सभी जाति-बिरादरियों, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का ख्याल रखना है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व इन 10 पदों के माध्यम से समाज के सभी बिरादरियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए माथा खपाने में जुटा हुआ है।

भाजपा इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न तरह की रणनीतियों पर काम कर रही है और सभी विधायकों से रायशुमारी में लगी हुई है।

1. संतुलित नेतृत्व का चयन
बीजेपी का पहला फोकस ऐसा मुख्यमंत्री चुनना है,जो संगठन और सरकार दोनों को साथ लेकर चले। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए किसी स्वीकार्य चेहरे को आगे लाने पर विचार किया जा रहा है।

2. मंत्रिमंडल में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व
सीएम समेत कुल 7 मंत्री पद हैं, ऐसे में बीजेपी को ओबीस,जाट, गुर्जर, पूर्वांचली, दलित, बनिया, पंजाबी,सिख और ब्राह्मण समाज को समायोजित करना होगा, ताकि हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके।

3. पार्टी पदों का संतुलित वितरण
विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मुख्य सचेतक के पद भी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं। यदि मंत्रिमंडल में किसी समुदाय को कम प्रतिनिधित्व मिलता है, तो पार्टी इन पदों से संतुलन बना सकती है।

4. महिला और युवा नेतृत्व को मौका
दिल्ली में महिला मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है, ऐसे में बीजेपी को महिला मंत्री बनाकर इस वर्ग को भी संदेश देना होगा। साथ ही युवा नेतृत्व को भी तवज्जो देकर भविष्य की राजनीति के लिए मजबूत नींव रखनी होगी।

5. संगठन और आरएसएस से तालमेल
बीजेपी को सरकार गठन से पहले संगठन और आरएसएस के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा। आरएसएस दिल्ली में सामाजिक समीकरणों को लेकर प्रभावी भूमिका निभाता है, जिससे सरकार को स्थायित्व मिलेगा।

बीजेपी अगर इन 5 बिंदुओं पर ध्यान देती है, तो वह दिल्ली में न केवल लोकप्रिय सरकार बना सकती है,बल्कि आगामी चुनावों के लिए भी मजबूत स्थिति में रह सकती है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+