भड़काऊ नारेबाजी: दिल्ली HC ने खारिज की पिंकी चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका, पुलिस को नोटिस जारी
नई दिल्ली, 27 अगस्त। दिल्ली के सबसे चर्चित जंतर-मंतर पर विशेष समुदाय के खिलाफ कथित भड़काऊ नारे लगाने के मामले में से जुड़ी एक याचिका पर आज (शुक्रवार) दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई की। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को मुख्य आरोपी बताया है वहीं, भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय समेत छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि अश्विनी उपाध्याय को पहले ही जमानत मिल चुकी है लेकिन पिंकी चौधरी को एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।

जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी करने के आरोप में गिरफ्तारी का सामना कर रहे पिंकी चौधरी ने दिल्ली हाई कोर्ट से अग्रीम जमानत की मांग की थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है। वहीं, कोर्ट ने पिंकी चौधरी की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। दिल्ली की एक अदालत ने पहले यह कहते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि 'हम तालिबान राज्य नहीं हैं'। एडिशनल सेशन जज अनिल अंतिल ने तब हिंदू रक्षा दल के एक अन्य नेता भूपिंदर तोमर की याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था कि अतीत में इस तरह की घटनाओं ने सांप्रदायिक तनाव को भड़काया है जिससे दंगे हुए हैं और जान-माल का नुकसान हुआ है।
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बता दें कि भूपिंदर तोमर पर 8 अगस्त को जंतर मंतर पर एक रैली में सांप्रदायिक नारे लगाने और युवाओं को एक विशेष धर्म के खिलाफ प्रचार करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था। इससे पहले पिंकी चौधरी ने दिल्ली की एक निचली अदालत से जमानत देने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी के मामले में पुलिस ने आईपीसी 153(ए) (अलग-अलग समुदायों में दुश्मनी पैदा करना) और 188 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में पुलिस ने पिंकी चौधरी को भी आरोपी बनाया है। चौधरी इस मामले के प्रमुख आरोपियों में से है।












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