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Delhi Election 2025: दिल्‍ली के वो मुख्‍यमंत्री, जो पाकिस्‍तान में जन्‍मे, इनके लिए 37 साल करना पड़ा इंतजार

Delhi Election 2025: दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 के मैदान में भाजपा बिना सीएम फेस के उतर रही है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा तो यहां तक कह चुके हैं कि 'अगर भाजपा जीती तो दिल्‍ली का मूल नागरिक मुख्‍यमंत्री बनेगा।' दिल्‍ली विधानसभा चुनाव इतिहास देखें तो एक वक्‍त ऐसा भी आया था जब भाजपा ने पाकिस्‍तान में जन्‍मे शख्‍स को दिल्‍ली का मुख्‍यमंत्री बना दिया था।

2 साल 86 दिन दिल्‍ली के सीएम रहे मदनलाल खुराना

हम बात कर रहे हैं कि दिल्‍ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री मदनलाल खुराना की। पाकिस्‍तान में पैदा होने के बावजूद मदनलाल खुराना को दिल्‍ली में भाजपा से पहला मुख्‍यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। 2 दिसंबर 1993 से 26 फरवरी 1996 तक कुल 2 साल 86 दिन मदनलाल खुराना दिल्‍ली में मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर बैठे।

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Madanlal Khurana Delhi Election 2025

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मदनलाल खुराना 12 साल की उम्र में पाकिस्‍तान से दिल्‍ली आए

मदनलाल खुराना का जन्‍म 15 अक्टूबर 1936 को ल्याल्लपुर, पंजाब, ब्रिटिश भारत (वर्तमान फ़ैसलाबाद, पंजाब, पाकिस्तान) में एसडी खुराना और लक्ष्‍मी देवी के घर में हुआ। 11 साल तक पाकिस्‍तान में रहे। फिर 1947 में मदनलाल खुराना भारत विभाजन के वक्‍त 12 साल की उम्र में अपना घर छोड़कर पाकिस्‍तान से भारत आ गए। दिल्‍ली के कीर्तिनगर के शरणार्थी शिविर में रहे। दिल्‍ली में पले-बढ़े और राजनीति में आकर 'दिल्ली के शेर' नाम से फेमस हो गए।

1952 में चौधरी ब्रह्मप्रकाश यादव बने दिल्‍ली के पहले सीएम

दिल्‍ली की पहली विधानसभा के चुनाव 1952 में हुए थे। तब कांग्रेस जीती थी। चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव दिल्‍ली के पहले मुख्‍यमंत्री बने थे। साल 1955 में यादव की जगह सरदार गुरमुख निहाल सिंह को दिल्ली का दूसरा सीएम बनाया गया। इसके बाद राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के चलते 1 नवंबर 1956 से दिल्ली पार्ट-सी स्टेट नहीं रही और दिल्‍ली विधानसभा भंग कर दी गई तो विधानसभा चुनाव भी नहीं हुए।

मदनलाल खुराना के रूप में दिल्‍ली को 37 साल बाद मिला सीएम

साल 1991 में 69वां संविधान संशोधन हुआ और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी बन गई और विशेष राज्य का दर्जा मिला। तब 37 साल बाद 1993 में फिर से दिल्‍ली विधानसभा चुनाव हुए। भाजपा ने जीत दर्ज की। नवगठित दिल्‍ली विधानसभा में भाजपा से पहला मुख्‍यमंत्री मदनलाल खुराना बने। इनके बाद भाजपा से साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्‍वराज ने भी दिल्‍ली सीएम की कुर्सी संभाली।

छात्र राजनीति से दिल्‍ली की कुर्सी तक मदनलाल खुराना

पाकिस्‍तान से आने के बाद मदनलाल खुराना दिल्‍ली की कीर्ति नगर में रिफ्यूजी कैंप में रहने लगे थे। दिल्‍ली के किरोड़ीमल कॉलेज से स्‍नातक की डिग्री ली। इलाहाबाद विश्‍व‍विद्यालय से पीजी किया। 1959 में वे इलाहाबाद छात्र संघ के महासचिव बने। 1960 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महासचिव बने। छात्र राजनीति के जरिए मदनलाल खुराना का RSS से जुड़ाव रहा। जनसंघ की दिल्ली शाखा की स्थापना की।

जब मदनलाल खुराना को कहा जाने लगा 'दिल्‍ली का शेर'

साल 1980 में जनसंघ की जगह भारतीय जनता पार्टी बनी। इंदिरा गांधी के निधन के बाद साल 1984 के हुए आम चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। दिल्‍ली में नेतृत्व का संकट गहराया तो मोर्चा मदनलाल खुराना ने संभाला। संगठन में फिर से जान फूंकी। इसी वजह से मदनलाल खुराना को 'दिल्‍ली का शेर' कहा जाने लगा था।

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 1993 परिणाम

1983 के महानगर पालिका चुनाव में करारी हार के बाद मदनलाल खुराना ने पार्टी को फिर से खड़ा किया और दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 1993 में कमाल कर दिखाया। मदनलाल खुराना के नेतृत्व में भाजपा ने दिल्‍ली की 70 सीटों में से 49 सीटें जीती। कांग्रेस के हाथ में 14 सीटें आईं। खुद मदनलाल खुराना दिल्‍ली की मोतीनगर सीट पर 9,138 वोटों से जीते। कांग्रेस की अंजलि माकन को हराया।

मदनलाल खुराना का दिल्‍ली मुख्‍यमंत्री कार्यकाल

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 1993 में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद 2 दिसंबर 1993 को मदनलाल खुराना ने सीएम पद की शपथ ली। हालांकि तीन साल बाद ही 26 फरवरी 1996 को खुराना को दिल्‍ली मुख्‍यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। दिल्‍ली को मेट्रो की सौगात खुराना के कार्यकाल में ही मिली थी। 1998 खुराना दिल्ली सदर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 13 दिन वाली एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। बाद में साल 2024 में राजस्‍थान के राज्‍यपाल रहे। 27 अक्‍टूबर 2018 को मदनलाल खुराना का निधन हो गया।

Delhi Election 2025: भाजपा उम्‍मीदवारों की सूची का इंतजार

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 के आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर उम्‍मीदवार घोषित कर दिए। कांग्रेस ने भी दो सूची जारी करते हुए 49 सीटों पर प्रत्‍याशी उतार दिए हैं, मगर भाजपा ने अभी तक किसी को भी टिकट नहीं दिया है। लगातार 10 साल से दिल्‍ली पर राज कर रही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से टक्‍कर के लिए भाजपा सारे सियासी गुणा-भाग के बाद प्रत्‍याशियों की जारी करने वाली है।

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्रियों की सूची

1. चौधरी ब्रह्म प्रकाश, कांग्रेस
2. गुरुमुख निहाल सिंह, कांग्रेस
3. मदनलाल खुराना, भाजपा
4. साहिब सिंह वर्मा, भाजपा
5. सुषमा स्‍वराज, भाजपा
6. शीला दीक्षित, कांग्रेस
7. अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी
8. आतिशी मार्लेना, आम आदमी पार्टी

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 की अन्‍य खबरें यहां नीचे पढ़ें

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