Delhi Elections 2025: भाजपा बिना सीएम फेस के क्यों लड़ना चाहती है दिल्ली चुनाव? जानिए खास वजह
Delhi Elections 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वर्षों का सूखा मिटाना चाहती है। अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करने का टॉरगेट लेकर चल रही भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति तय कर ली है।
भाजपा ने बिना किसी मुख्यमंत्री के चेहरे के आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। भाजपा का ये निर्णय उसकी चुनावी रणनीति का ही हिस्सा है। आइए जानते हैं आखिर वो खास वजह है क्या है जो भाजपा ने दिल्ली चुनाव बिना सीएम फेस के लड़ने का अहम फैसला किया है?

इन राज्यों में सीएम फेस के बिना भाजपा लड़ चुकी है चुनाव
हाल ही में संपन्न हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत सीएम चेहरे के बिना ही लड़ा था। जबकि पहले से तय था कि भाजपा अगर महाराष्ट्र चुनाव जीतती है तो देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। ऐसे ही भाजपा महाराष्ट्र में 2014 के चुनाव में और 2015 के बिहार चुनाव में बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ी थी।
दिल्ली के लिए भाजपा ने बनाई ये खास रणनीति
ये चुनाव भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा था। वहीं इस बार दिल्ली का आगामी विधानसाभा चुनाव भी भाजपा पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली की जनता के बीच भाजपा पीएम मोदी की नीतियों, योजनाओं और कामों के आधार को लेकर प्रचार करेगी।। इसकी वजह है कि दो दशक से भाजपा दिल्ली की सत्ता से दूर है और वो अगर किसी खास चेहरे को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खड़ी करती है, तो उसका उसे भारी नुकसान होगा।
सीएम चेहरे के बिना चुनाव लड़ने की ये है खास वजह?
भाजपा का सीएम चेहरे के बिना दिल्ली चुनाव लड़ने की खास वजह उसके पुराने चुनावी अनुभव भी है। 2015 से लेकर 1998 के बीच हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव भाजपा ने सीएम का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ा था, जिसका उसका उसे करारी हार के तौर पर खामियाजा भुगतना पड़ा था।
2015 विधानसभा चुनाव
भाजपा का सीएम चेहरे के बिना दिल्ली चुनाव लड़ने की खास वजह उसके पुराने चुनावी अनुभव भी है। वर्ष 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने केजरीवाल के खिलाफ पूर्व आईपीएम अधिकारी और भाजपा नेता किरन बेदी को उतारा था। जिसमें भाजपा को बुरी हार का सामना करना पड़ा था।
2013 दिल्ली विधानसभा चुनाव
2013 में भाजपा ने अपने दिग्गज नेता हर्षवर्धन को सीएम चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ा था उसमें भी भाजपा को हार मिली थी।
2008 दिल्ली विधानसभा चुनाव
2008 में भाजपा ने विजय मल्होत्रा को सीएम फेस बनाकर चुनाव में उतारा था और हार गई थी।
1998 दिल्ली विधानसभा चुनाव
ऐसे ही 1998 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शीला दीक्षित के खिलाफ भाजपा ने अपनी दिग्गज नेता सुषमा स्वराज को उतारा था, उन्हें भी करारी हार का सामना करना पड़ा था।












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