'रावण का घमंड भी नहीं टिक सका,आप कौन हैं', केजरीवाल पर रेखा गुप्ता का तीखा हमला, क्या है पूरा विवाद
राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। अब इस बहस में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी खुलकर सामने आ गई हैं। अरविंद केजरीवाल के एक छोटे से सवाल 'आप कौन हैं?' पर रेखा गुप्ता ने ऐसा जवाब दिया, जिसने पूरे विवाद को नई दिशा दे दी।
उन्होंने कहा कि "अहंकार तो रावण का भी नहीं टिका, आप कौन?"। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है और दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए हैं।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत लखनऊ में बीजेपी के एक कार्यक्रम से हुई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदू धर्म को कमजोर समझने की गलती नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जब हिंदू देवी-देवताओं का अपमान होता है, तब विपक्षी नेता चुप रहते हैं और सनातन का अपमान देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। इसी बयान से जुड़ी बीजेपी की एक्स पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सिर्फ दो शब्द लिखे, "आप कौन हैं?"। इसके बाद सोशल मीडिया पर नितिन नवीन को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई।
रेखा गुप्ता ने क्या दिया जवाब?
केजरीवाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लंबी पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पूछा था, "कौन अमित शाह?"। लेकिन वक्त ने खुद उसका जवाब दे दिया। इसी संदर्भ में उन्होंने लिखा कि "अहंकार तो रावण का भी नहीं टिका, आप कौन?"
रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी के सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर मेहनत और संगठन के भरोसे तय किया है। साथ ही वह बिहार की बांकीपुर विधानसभा का लगातार चार बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अब संसद के उच्च सदन के सदस्य भी हैं।
रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में कहा,
''मिस्टर अरविंद केजरीवाल...मिस्टर नितिन नबीन, 46 साल के, दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी, भारतीय जनता पार्टी के सबसे कम उम्र के नेशनल प्रेसिडेंट हैं। उन्हें बिहार के बांकीपुर असेंबली सीट से लगातार चार बार रिप्रेजेंट करने का सम्मान मिला है। युवा मोर्चा में एक एक्टिविस्ट के तौर पर शुरुआत करके, उन्होंने पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट बनने तक का सफर तय किया है। अभी, वे दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी में पार्लियामेंट के अपर हाउस के मेंबर चुने गए हैं। यह उनका एक छोटा सा इंट्रोडक्शन है। सब जानते हैं कि आप हताश और निराश महसूस कर रहे हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि आपका ईगो अभी भी सातवें आसमान पर है! वैसे, ममता जी ने भी एक बार पूछा था, "यह अमित शाह कौन है?" समय हर सवाल का जवाब देता है। रावण का घमंड भी नहीं टिक सका; आप कौन होते हैं यह सोचने वाले कि आपका टिकेगा?''
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
यह पूरा राजनीतिक विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले की जांच चर्चा में है। पुलिस पहले ही इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत से अनुमति ले चुकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ विपक्ष लगातार बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि बीजेपी इसे राजनीतिक आरोप बताकर पलटवार कर रही है।
इसी पृष्ठभूमि में नितिन नवीन का बयान और उसके बाद केजरीवाल व रेखा गुप्ता के बीच सोशल मीडिया पर हुई तीखी नोकझोंक ने इस मुद्दे को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया है।
सियासी संदेश क्या है?
यह विवाद सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है। दोनों दल अपने-अपने समर्थकों के बीच राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजेपी इस बहस को सनातन और अपनी वैचारिक राजनीति से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी लगातार राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा केंद्र बना रह सकता है।















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