UP Cabinet का बड़ा फैसला! जलालाबाद कहलाएगा ‘भगवान परशुराम पुरी’, योगी सरकार ने किन 27 प्रस्तावों को दी मंजूरी
Yogi Adityanath Jalalabad Renamed: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर नाम बदलने की अपनी कतार में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास (5 कालिदास मार्ग) पर हुई हाई-लेवल कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर जिले की ऐतिहासिक तहसील 'जलालाबाद' का नाम बदलने के ऐतिहासिक फैसले को हरी झंडी दे दी गई।
अब यह इलाका 'भगवान परशुराम पुरी' के नाम से जाना जाएगा। दोनों डिप्टी सीएम और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि सूबे के विकास, युवाओं और किसानों से जुड़े कुल 27 बड़े प्रस्तावों को पास किया गया है।

जलालाबाद अब बना 'भगवान परशुराम पुरी'
योगी कैबिनेट ने शाहजहांपुर के लोगों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का प्रशासनिक रास्ता साफ कर दिया है। सरकार का मानना है कि यह फैसला इलाके की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वापस लौटाने के लिए लिया गया है। इस मंजूरी के बाद अब सरकारी दस्तावेजों और साइनबोर्ड्स पर 'भगवान परशुराम पुरी' लिखने की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इसी दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटाकर उनके 'एक देश में एक विधान' के सपने को पीएम मोदी ने पूरा किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि जिस बंगाल को उन्होंने बचाया, आज वहां भाजपा की डबल इंजन सरकार उनके स्थलों को संवारने का बेहतरीन काम कर रही है।
आईटी और टेक सेक्टर के लिए दो नई नीतियां
उत्तर प्रदेश को टेक हब बनाने के लिए कैबिनेट ने बड़े कदम उठाए हैं। सूबे के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश खींचने के लिए 'स्टार्टअप मिशन' बनाने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।
इसके साथ ही सरकार ने 'यूपी स्टार्टअप नीति 2026' और 'डेटा सेंटर नीति 2026' को भी अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
पशुपालकों के लिए बड़ी बीमा योजना और 3 नई यूनिवर्सिटी
किसानों और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के विभाग की 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी मिल गई है।
- यह योजना यूपी के सभी 75 जिलों में लागू की जाएगी।
- इसके तहत छोटे-सीमांत किसानों और डेयरी चलाने वालों के पशुओं का बीमा होगा।
- किसी महामारी, दुर्घटना में अपंगता या मवेशी की मौत होने पर सरकार पशुपालकों को आर्थिक मदद देगी।
इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए सरकार ने तीन नए प्राइवेट विश्वविद्यालयों को हरी झंडी दी है। इनमें कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय शामिल हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
ऐन वक्त पर रुक गया मदरसों से जुड़ा ये प्रस्ताव
इस कैबिनेट बैठक में कुल 28 मुद्दे चर्चा के लिए रखे गए थे, लेकिन सूची में 15वें नंबर पर दर्ज मदरसों से जुड़े एक प्रस्ताव को सरकार ने ऐन वक्त पर रोक दिया। यूपी कैबिनेट ने मदरसा शिक्षकों को मिलने वाली ग्रेच्युटी से जुड़े इस प्रस्ताव को फिलहाल के लिए टाल (स्थगित) दिया है।
मंत्रियों के बीच इस पर आम सहमति नहीं बन पाने की वजह से इस प्रस्ताव को बिना मंजूरी के ही वापस रख लिया गया है और इस पर कोई भी आखिरी फैसला नहीं लिया गया।














Click it and Unblock the Notifications