Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय को नहीं मिली एंट्री, अध्यक्ष बोले- सजा मिलेगी
Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली अहम बैठक चल रही है। इस बैठक पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि इसमें चोरी की घटना, ट्रस्ट की व्यवस्था और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी विचार किया जा रहा है। दोनों ने चोरी की घटना के बाद अपने पद छोड़ दिए थे। बैठक में कई पदेन सदस्य ऑनलाइन जुड़ सकते हैं, जबकि ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Ram Mandir Donation Theft Case: बैठक पर पूरे देश की नजर
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद यह ट्रस्ट की पहली बैठक है। इसलिए इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चोरी के मामले में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हो रही है। ट्रस्ट के सदस्य कई अहम फैसले ले सकते हैं, जिनका असर मंदिर के संचालन पर भी पड़ सकता है।
चंपत राय को नहीं मिली बैठक में एंट्री
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय बैठक में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी वजह से उन्हें बैठक का हिस्सा नहीं बनाया गया। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।
ये भी पढे़ं: OI Exclusive: 'जिंदगी की पूरी कमाई राम मंदिर को दे दी' EX गृह सचिव एस. लक्ष्मी नारायण ने चंपत राय पर लगाए आरोप
अनिल मिश्रा भी बैठक से रहे दूर
ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी बैठक में शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने भी चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया था। अब बैठक में उनके इस्तीफे पर औपचारिक फैसला लिया जा सकता है। ट्रस्ट के सामने नए सदस्य चुनने और आगे की व्यवस्था तय करने की भी चुनौती है।
कितने सदस्य और कैसे होगा फैसला
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें 4 पदेन सदस्य शामिल हैं। पदेन सदस्यों के वोट की गिनती नहीं होती। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब प्रभावी रूप से 8 सदस्य रह गए हैं। किसी भी प्रस्ताव को पास करने के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 6 सदस्यों की सहमति जरूरी होगी।
महंत नृत्य गोपाल दास ने क्या कहा
बैठक शुरू होने से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने चढ़ावा चोरी पर पहली बार बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि मंदिर में हुई चोरी से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। जिसने भी यह काम किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
पीएम मोदी और सीएम योगी पर जताया भरोसा
महंत नृत्य गोपाल दास ने अपने बयान में कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष होगी और चोरी में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को राजनीतिक विवाद का विषय न बनाया जाए।
ये भी पढ़ें: 'राम मंदिर के नाम पर हिंदुओं को लूटा', Uddhav Thackeray ने खेला हिंदुत्व कार्ड, शुरू किया 'राम रक्षा आंदोलन'
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने रखा प्रस्ताव
बैठक की शुरुआत में सबसे पहले चोरी की घटना पर दुख जताया गया। इसके बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बैठक का एजेंडा पेश किया। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार करने का प्रस्ताव रखा। बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने मीडिया से विस्तार से जानकारी साझा करने की बात भी कही।
आगे क्या हो सकता है फैसला
बैठक में चढ़ावा चोरी की जांच की समीक्षा, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा खाली हुए पदों पर आगे की प्रक्रिया को लेकर फैसला लिया जा सकता है। साथ ही ट्रस्ट यह भी तय कर सकता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से नए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। बैठक के फैसलों का इंतजार श्रद्धालुओं और पूरे देश को है।












Click it and Unblock the Notifications