Delhi Chunav Result 2025: क्या इनकम टैक्स में 12 लाख रुपए तक की छूट ने दिल्ली में बनवा दी BJP की सरकार?
Delhi Chunav Result 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को अपने साल 2025 के बजट भाषण में घोषणा की कि 12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इनकम टैक्स में इस राहत ने न केवल मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाया है, बल्कि ऐसा लग रहा है कि इसने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में इस वर्ग के वोटरों के मतदान को भी प्रभावित किया है। शनिवार को घोषित चुनाव परिणामों में इसका असर स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।
इसकी वजह ये रही कि संसद में बजट पेश होने के अगले ही दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली चुनाव को लेकर अखबारों में विज्ञापन जारी किए,जिसमें इस साल के बजट को 'मध्यम वर्ग' के हित वाला बताया।

Delhi Chunav Result 2025: पहले ही बीजेपी ने 'आप' के मिडिल क्लास के वोट में लगानी शुरू कर दी थी सेंध
इससे पहले लोकनीति-सीएसडीएस (Lokniti-CSDS) ने चुनाव के बाद किए अपने सर्वे के आधार पर बताया था कि बीजेपी ने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों के बीच गरीब,निम्न-आय और मध्यम-आय वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने में सफल रही है।
2020 के चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी (AAP) को बीजेपी पर कुल वोट शेयर में 15 प्रतिशत की बढ़त मिली थी। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मध्यम वर्ग के मतदाताओं के बीच यह अंतर केवल 6 प्रतिशत का था,जिसमें आप आगे थी।
Delhi Election Result 2025: आयकर में रियायत से बीजेपी को मिडिल क्लास वोटरों का मिल गया फायदा!
अब जब शनिवार को परिणाम सामने आए हैं, तो स्पष्ट रूप से लग रहा है कि टैक्स स्लैब में दी गई राहत ने दिल्ली चुनावों में इस वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित किया है। बीजेपी लंबे समय से आम आदमी पार् (AAP)टी की 'ईमानदार शासन'के दावे को चुनौती देने की कोशिश कर रही थी।
दिल्ली का मध्यम वर्ग पहले भी अपने वोट डालने के पैटर्न में बदलाव करता रहा है और पिछली बार उसने आम आदमी पार्टी के पक्ष में मतदान किया था। लेकिन, लगता है कि इस बार पिछली बार का उसका यह 6 प्रतिशत का अंतर भी बीजेपी के पक्ष में झुकता नजर आया है।
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एक्सपर्ट का मानना है कि मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी चिंता महंगाई और टैक्स से जुड़ी होती है। आम आदमी पार्टी (आप) ने अब तक मुफ्त बिजली, पानी और शिक्षा जैसी कल्याणकारी योजनाओं की बदौलत राज किया था। इस बार भी उसका यही फोकस रहा। लेकिन, बीजेपी ने आर्थिक नीतियों को अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया। इस रणनीति का असर दिल्ली चुनाव परिणामों में साफ देखा जा सकता है।
बजट 2025 में इनकम टैक्स में बड़ी राहत की घोषणा के बाद से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि इससे मध्यम वर्ग की नीतिगत प्राथमिकताएं बदल सकती हैं। इसके अलावा, लगता है कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में व्यापारियों और नौकरीपेशा वर्ग की बढ़ती चिंताओं के कारण भी बीजेपी को इस बार लाभ मिला है।












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