Delhi AQI Today: दिवाली के बाद गैस चेंबर बनी दिल्ली, लगातार चौथे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में एयर क्वालिटी
Delhi AQI Today: दिवाली की रौनक के बाद दिल्ली की हवा में घुल गया जहर। आसमान पर छाई धुंध, सड़कों पर फैली धुंधलाहट और सांसों में चुभन-राजधानी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। दिवाली के पटाखों के धुएं और ठंडी होती हवा ने मिलकर प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ा दिया है कि दिल्ली अब एक बार फिर गैस चेंबर में तब्दील होती नजर आ रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 23 अक्टूबर की सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 332 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में है। यह लगातार चौथा दिन है जब दिल्ली की हवा ने लोगों को राहत देने से इनकार कर दिया है।

दिवाली के बाद बिगड़ी हवा
दिवाली पर पटाखों के धुएं और मौसम के कारण हवा में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया। बुधवार शाम 4 बजे दिल्ली की 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता 353 दर्ज की गई, जो इस सीजन का अब तक का सबसे खराब स्तर रहा। मंगलवार को AQI 351 और सोमवार को 345 दर्ज हुआ था।
किन इलाकों में सबसे खराब हवा
दिल्ली के कई इलाकों में हवा का स्तर बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। आनंद विहार में AQI 429 रहा, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। वहीं, जहांगीरपुरी में 367, वजीरपुर में 365, आईटीओ में 353 और अशोक विहार में 350 दर्ज किया गया। ये सभी 'बहुत खराब' श्रेणी में हैं।
इसके अलावा, बुराड़ी में 348, पंजाबी बाग में 344, सोनिया विहार में 329, शादिपुर में 319 और अलीपुर में 300 का AQI दर्ज हुआ। अलीपुर की हवा 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली से सटे शहरों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। गुरुग्राम के सेक्टर 51 में AQI 288, गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 271 और नोएडा सेक्टर 125 में 308 दर्ज किया गया, जो सभी 'बहुत खराब' श्रेणी में हैं।
प्रदूषकों के फैलने की संभावना कम
दिल्ली के ऊपर दिनभर स्मॉग की चादर छाई रही। हवा की गति 7 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं पहुंची, जिससे प्रदूषक तत्व फैल नहीं पाए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी प्रदूषण के स्तर में सुधार की संभावना बहुत कम है।
आईएमडी की वरिष्ठ वैज्ञानिक कृष्णा मिश्रा ने बताया कि अब हवा की दिशा पूर्वी से पश्चिमी हो गई है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है। "रात के समय हवा लगभग बंद हो जाती है, और दिन में केवल 5-7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है," उन्होंने कहा। मिश्रा ने यह भी बताया कि 27 अक्टूबर के आसपास हल्की पश्चिमी विक्षोभ की संभावना है, लेकिन इससे न तो बारिश होगी और न ही हवा की गति में बड़ा सुधार दिखेगा।
हल्की राहत के बाद फिर बढ़ा प्रदूषण
मंगलवार को कुछ समय के लिए हवा की गति बढ़ने से दिवाली के पटाखों से बने धुएं में थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन रात होते ही हवा की गति फिर घट गई और तापमान में गिरावट शुरू हो गई। इससे प्रदूषक तत्व फिर से जमीन के पास जमा होने लगे।
आगे क्या कहता है पूर्वानुमान
केंद्र के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली का AQI शनिवार तक 'बहुत खराब' श्रेणी में बना रहेगा। इसके बाद अगले छह दिनों तक यह 'खराब' और 'बहुत खराब' के बीच बना रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा की गति नहीं बढ़ी और तापमान में और गिरावट आई, तो आने वाले दिनों में राजधानी की हवा और भी जहरीली हो सकती है। ऐसे में दिल्लीवासियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।












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