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दिवाली के बाद दिल्ली बनी 'गैस चैंबर'! हवा में घुला इतना ज़हर कि सांस लेना भी मुश्किल, देखिए आपके इलाके का AQI

Delhi pollution AQI: दिवाली के बाद दिल्ली की हवा जानलेवा होती जा रही है। अत्यधिक प्रदूषणकारी पटाखों के इस्तेमाल के कारण राजधानी दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बन गई है। धुंध की चादर और दमघोंटू हवा के चलते लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया है और 24 अक्टूबर तक ऐसी ही स्थिति बने रहने की आशंका है। पंजाबी बाग और वजीरपुर जैसे कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुँच चुका है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर फोड़े गए पटाखों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

Delhi pollution AQI
(File)

दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में

दिवाली की रात भारी प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों के अनियंत्रित इस्तेमाल के कारण दिल्ली की हवा में जहर घुल गया है। प्रदूषण के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुँच गई है। सीपीसीबी ने आशंका जताई है कि 22 से 24 अक्टूबर तक AQI 'बेहद खराब' श्रेणी में ही बना रहेगा। राजधानी में धुंध की घनी चादर छाई हुई है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और लोगों को सांस संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

कई इलाकों में AQI 400 के पार: रेड ज़ोन की स्थिति

दिल्ली के अधिकांश शहरों में AQI 300 से 400 के बीच बना हुआ है, जो 'बेहद खराब' श्रेणी का संकेत है। चिंताजनक बात यह है कि पंजाबी बाग (433) और वजीरपुर (401) जैसे इलाकों में AQI 400 के पार पहुँच गया है, जो 'गंभीर' श्रेणी के करीब है। इसके अलावा, आनंद विहार, अशोक विहार, बवाना, बुराड़ी, नेहरू नगर, आरके पुरम और रोहिणी जैसे कई अन्य क्षेत्रों में भी AQI 360 से 398 के बीच दर्ज किया गया है। ये सभी क्षेत्र प्रदूषण के 'रेड ज़ोन' में हैं।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी का परिणाम

प्रदूषण में इस तीव्र वृद्धि का एक प्रमुख कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा रात 8 से 10 बजे के बीच केवल 'हरित पटाखों' (Green Crackers) को फोड़ने की दी गई अनुमति का उल्लंघन है। दिवाली की रात, हरित पटाखों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में अधिक प्रदूषणकारी पटाखे फोड़े गए, जिससे हवा में PM2.5 और PM10 जैसे हानिकारक कणों की मात्रा अत्यधिक बढ़ गई। नियमों की अनदेखी ने दिल्ली की हवा को दमघोंटू और जानलेवा बना दिया है।

केवल तीन क्षेत्रों में AQI 300 से नीचे, फिर भी हवा खराब

पूरे दिल्ली में केवल तीन इलाके ऐसे हैं जहाँ AQI लेवल 300 से नीचे दर्ज किया गया है: आईजीआई एयरपोर्ट (275), डीटीयू (236) और लोधी रोड (244)। हालांकि, इन इलाकों में भी वायु गुणवत्ता अभी भी 'खराब' श्रेणी में ही है। इसका तात्पर्य यह है कि पूरी दिल्ली की हवा में प्रदूषण का जहर घुल चुका है, और स्वस्थ माने जाने वाला कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है। प्रदूषण का यह स्तर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।

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