US-Iran Tension: 'आज फिर करेंगे हमला', ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, तेहरान को लेकर क्या है अमेरिका का प्लान?
US-Iran Tension 2026: पश्चिम एशिया में जारी महासंग्राम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। बुधवार, 11 जून को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने खुली चेतावनी दी कि अगर ईरान ने मौजूदा शांति समझौते पर तुरंत हस्ताक्षर नहीं किए, तो अमेरिकी सेना उस पर फिर से बेहद भीषण हमला करेगी।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में अमेरिका ने दक्षिणी ईरान पर जोरदार हमले किए थे, जिसके पलटवार में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।

Trump Warns Missile Strikes: हमने कल भी मारा, आज फिर बहुत जोर से मारेंगे- ट्रंप
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप अपने सख्त अंदाज में नजर आए। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका रुकने वाला नहीं है। ट्रंप ने कहा-"हमने कल भी उन्हें बहुत कड़ी टक्कर दी और उन पर भीषण हमले किए। मैं आज आपको फिर बता रहा हूं, हम उन पर आज फिर से बहुत जोरदार हमला करने जा रहे हैं। अगर किसी ने ध्यान नहीं दिया है, तो वह अपना टेलीविजन सेट ऑन करके देख सकता है। हम उन पर तब तक हमला करना जारी रखेंगे जब तक कि वे शांति समझौते को स्वीकार नहीं कर लेते।"
जब पत्रकारों ने राष्ट्रपति से पूछा कि क्या अमेरिकी सेना इस बार ईरान के पुलों और पावर प्लांट्स को निशाना बनाने जा रही है, तो ट्रंप ने सैन्य रणनीति का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं यह बिल्कुल नहीं बताऊंगा कि हम उनके पावर प्लांट्स उड़ाने जा रहे हैं या ब्रिज गिराने जा रहे हैं, लेकिन जो भी होगा, बहुत कड़ा होगा।"
परमाणु समझौते पर अड़े ट्रंप: बस कागज पर साइन करें ईरान
तनाव और हमलों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान इस बात पर राजी हो गया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। ट्रंप ने कहा कि अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है और समझौते का मसौदा तैयार है। ईरान इस बात पर सहमत हो चुका है कि उसके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। अब उन्हें कुछ नहीं करना है, बस टेबल पर आकर उस कागज (शांति समझौते) पर अपने दस्तखत करने हैं। मैं ईरान के साथ महीनों से काम कर रहा हूं, पाकिस्तानी मध्यस्थ भी इस पर लगे हुए हैं। हम एक ऐसा समझौता चाहते हैं जिसका कोई मतलब निकले, जो काम करे और क्षेत्र में स्थायी स्थिरता ला सके। लेकिन वे हमें लगातार धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं और हमें बेवकूफ समझ रहे हैं।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की तारीफ, ईरान को बताया 'फेल्ड नेशन'
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक के बाद एक कई पोस्ट करके अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान की समुद्री नाकेबंदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने इस नाकेबंदी को युद्ध के इतिहास की सबसे सफल कार्रवाई करार दिया। फेक न्यूज मीडिया यह दिखाने से इनकार कर रहा है कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी कितनी प्रभावी है। यह नौसैनिक युद्ध के इतिहास की सबसे सफल नाकेबंदी है। हमारी मर्जी के बिना वहां से कुछ भी नहीं गुजर सकता। यह समंदर में एक 'स्टील की दीवार' (Steel Wall) की तरह है!
ईरान की चरमराती आर्थिक स्थिति पर तंज कसते हुए ट्रंप ने लिखा-"इस नाकेबंदी के कारण ईरान का बिजनेस पूरी तरह जीरो (शून्य) हो चुका है। वह अपनी सेना को वेतन नहीं दे पा रहा है, अपने बिलों का भुगतान नहीं कर पा रहा है और तेजी से एक 'फेल्ड नेशन' (विफल देश) बनता जा रहा है। हालांकि, बहुत सारा तेल बाहर निकल रहा है, अल्लाह का शुक्र है !"
US Iran के बीच क्या है इस ताजा विवाद की जड़?
दरअसल, यह भीषण टकराव तब शुरू हुआ जब सोमवार को ईरान की सेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान के जस्क, सीरीक और केश्म द्वीप पर हवाई हमले कर ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और रडार स्टेशनों को तबाह कर दिया।
इन अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर करीब 21 मिसाइलें और ड्रोन दागे। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी सुरक्षा परिषद की बैठक में चेतावनी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच की यह छोटी सी चिंगारी मिडल-ईस्ट में एक 'पूर्ण युद्ध' (Full War) का रूप ले सकती है। फिलहाल, कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ दोनों देशों के बीच समझौता कराने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन ट्रंप के ताजा बयानों ने युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।














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