Chhattisgarh का युवा किसान Japan की एग्रो कम्पनी को बेचेगा गोमूत्र, कोसली गाय का गोमूत्र खरीदेगी कम्पनी

दुर्ग, 26 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में सरकार ने पशुपालकों से गोबर और गोमूत्र खरीदी योजना शुरू की शुरुआत की हैं। सरकार गोमूत्र का उपयोग खेतों में उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जीवामृत और ब्रम्हास्त्र नामक कीटनाशक बनाने में कर रही है। लेकिन अब इस गौ मूत्र की डिमांड विदेशों से भी होने लगी है। एक जापानी कम्पनी को गोमूत्र की खरीदी के लिए नवागढ़ निवासी किशोर राजपूत से सम्पर्क किया है। किशोर को कम्पनी ने फिलहाल 20 हजार लीटर गोमूत्र की मांग की है।

जापान की टाउ एग्रो कम्पनी खरीदेगी गोमूत्र

जापान की टाउ एग्रो कम्पनी खरीदेगी गोमूत्र

नवागढ़ के किशोर राजपूत जे मिली जानकारी से अनुआर जापानी कंपनी जैविक खाद व कीटनाशक निर्माण का कार्य करती है। यह एक निजी कंपनी टाऊ एग्रो लिमिटेड है। जो बेमेतरा के नवागढ़ तहसील के किसान किशोर राजपूत से छत्तीसगढ़ की देशी प्रजाति की कोसली गाय के गोमूत्र खरीदने के लिए सम्पर्क किया है। किशोर के अनुसार जयपुर में हुए एक कृषि मेले के आयोजन में उनकी मुलाकात इस जापानी कंपनी के प्रतिनिधि से हुई थी। इसी दौरान टाऊ एग्रो के प्रतिनिधियों ने कोसली गाय के गौमूत्र के खास गुण किशोर को बताए। फिर किशोर ने जापानी कम्पनी से गौमूत्र बेचने की पेशकश की।

किशोर के पास है एक दर्जन से अधिक कोसली गाय

किशोर के पास है एक दर्जन से अधिक कोसली गाय

जापानी कम्पनी से शुरुआती चर्चा के बात किशोर ने गौमूत्र संग्रहण कार्य आरंभ कर दिया। दरअसल किशोर के पास उनके पास 12 नग से अधिक कोसली गायें हैं। जानकारी के मुताबिक आसपास के किसानों से भी वे गोमूत्र एकत्र कर रहें हैं। जिसकी कीमत भी उन्हें दे रहें हैं। किशोर ने पहले राज्य सरकार को भी गौमूत्र बेच कर लाभ अर्जित किया। अब किशोर के अनुसार कम्पनी को अधिक मात्रा में गोमूत्र की आवश्यकता है।

विलुप्त प्रजाति का करते हैं संरक्षण

विलुप्त प्रजाति का करते हैं संरक्षण

युवा किसान किशोर राजपूत को 21 अगस्त को औषधीय फसलों की जैविक विधि से व्यवसायिक खेती करने के लिए जैविक किसान अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया था। भारतीय जैविक किसान उत्पादन संघ व इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर स्किल ने संयुक्त रूप से जयपुर में यह आयोजन किया था। किशोर धान की विलुप्त प्रजाति का संग्रह करने वाले युवा किसान हैं। एग्रीमेंट के तहत पहले चरण में किसान 20 हजार लीटर गोमूत्र की सप्लाई कंपनी को करेगा।

50 रुपए लीटर तक तक हो सकती है कीमत

50 रुपए लीटर तक तक हो सकती है कीमत

देशभर में छत्तीसगढ़ में गोबर व गौ मूत्र खरीदी योजना की सराहना हो रही है। स्वयं प्रधानमंत्री ने सीएम भूपेश बघेल से मिलकर इसके लिए बधाई दी। तो वहीं छत्तीसगढ़ राज्य से गायों के गोमूत्र की डिमांड जापान जैसे देश में होना एक बड़ी उपलब्धि है। दरअसल नवागढ़ के एक किसान से जापान की कंपनी से अनुबंध होना बाकी है। जिसके तहत कंपनी और किसान के बीच गौमूत्र की कीमत को लेकर चर्चा की जा रही है, किसान ने 50 रुपए लीटर तक किमत होने की बात कही है।

कोसली नस्ल की गाय का ही गोमूत्र खरीदेगी कम्पनी

कोसली नस्ल की गाय का ही गोमूत्र खरीदेगी कम्पनी

किशोर राजपूत बताते हैं कम्पनी ने सिर्फ कोसली गाय के गोमूत्र खरीदने के लिए ही उनसे सौदा कर रही है। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा की गाय की यह नस्ल छत्तीसगढ़ के मैदानी क्षेत्रों में पायी जाती है। इन गायों की खास देखरेख की आवश्यकता होती है।कोसली गाय के मूत्र में यूरिया, खनिज लवण, एंजाइम व फसलों के लिए उपयोगी अन्य तत्वों की अधिकता होती है। खेतों में इसका छिड़काव कर कीट नियंत्रण किया जाता है। यह मृदा स्वास्थ्य सुधारक व अनाज में पोषक तत्वों की वृद्धि में भी उपयोगी है।

छत्तीसगढ़ की एक मात्र रजिस्टर्ड देसी नस्ल

छत्तीसगढ़ की एक मात्र रजिस्टर्ड देसी नस्ल

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ की इस गाय को कोसली के नाम से राष्ट्रीय पशु अनुवंशिकी संसाधन ब्यूरो करनाल ने 36वां गोवंश नस्ल के नाम पर पंजीकृत किया है। इंडिया कैटल 2600 कोसली 03036 और छत्तीसगढ़ राज्य की पहली पंजीकृत नस्ल होने के बाद देशभर में कोसली के नाम से प्रचलित हो गया है। यह छत्तीसगढ़ की एक मात्र रजिस्टर्ड देसी नस्ल की कोसली गाय है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+