हंगामे के साथ शुरू हुआ छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र, सदन में उठा सिंहदेव के इस्तीफे का मुद्दा

सीनियर मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग छोड़ने के बाद मचे सियासी घमासान के बीच बुधवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है।

रायपुर, 20 जुलाई। सीनियर मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग छोड़ने के बाद मचे सियासी घमासान के बीच बुधवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा के पहले ही दिन विपक्ष ने शून्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग से इस्तीफे को मुद्दा बनाते हुए इसपर सवाल उठाकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष के सवाल के बाद सत्ता पक्ष के तर्को से अंसतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया,जिस कारण शुरुआती कार्रवाई के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा ।गौरतलब है कि यह सत्र 27 जुलाई तक चलेगा।

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विपक्ष ने सरकार को सिंहदेव के इस्तीफे पर घेरा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन शून्यकाल में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में संवैधानिक संकट की स्थिति बन चुकी है। सरकार के ही मंत्री ने चिट्ठी लिखकर मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसलिए सामूहिक उत्तरादायित्व के को निभाते हुए इन आरोपों पर मुख्यमंत्री और बाकी मंत्रियों का जवाब आना चाहिए। बीजेपी के दूसरे विधायकों ने इसपर मामले पर सवाल उठाए। विपक्ष के सवाल पर विधानसभा स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि किसी एक मंत्री का सीएम को पत्र लिखने से संविधानिक संकट और व्यवस्था का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। इस मामले में मंत्री टी एस सिंह देव के इस्तीफे को स्वीकार करने की सूचना भी विधानसभा सचिवालय को नहीं मिली है। बीजेपी विधायकों ने कहा, मंत्रियों के लिए तय प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा है। कोरोनाकाल में निर्णयों के लिए चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता वाली समिति अभी भी निर्णय ले रही है।

घरेलू नल कनेक्शन योजना में पिछड़ी सरकार

सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान सदन में घरेलू नल कनेक्शन योजना के क्रियान्वयन में पिछड़ने का मामला उठा। बीजेपी की महिला विधायक रंजना डीपेंद्र साहू और अजय चंद्राकर ने यह मुद्दा सदन में उठाते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रुद्र कुमार गुरु को जमकर घेरा। भाजपा विधायकों के हमले पर सहयोग करते हुए नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पैसा आते ही बंदरबाट होना शुरू हो गई है । इसके कारण से मुख्यमंत्री को निविदा निरस्त करनी पड़ी थी । कौशिक ने कहा कि नालो का कनेक्शन देने की योजना 2020 में शुरू हुई थी, जिसे सितम्बर 2023 में तक पूरा कर लिया जाना है ,लेकिन जुलाई 2022 तक मात्र 6 लाख लोगों को इसका लाभ दिया गया है, जबकि 38 लाख कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य था और अभी महज एक का वक़्त बचा है। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, सरकार राज्य के हिस्से का पैसा ही इस योजना के लिए नहीं दे रही है।इस चर्चा के बाद सभी भाजपा विधायक खड़े होकर सवाल करने लगे और जमकर हो हल्ला हुआ।

पीएचई मंत्री रुद्र कुमार गुरु ने जवाब देते हुए कहा, दो साल कोरोनाकाल था, केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि नहीं दी, तीन माह तक राशि मिलने का इंतजार करने के बाद राज्य सरकार ने अपने हिस्से की राशि से योजना को आगे बढ़ाया। इसके कारण से देर हुई,लेकिन योजना अब तैयार है और इसके लिए निविदा लगनी शुरू हो चुकी है। मंत्री ने विपक्ष के विधायकों को विश्वास दिलाया कि सरकार तय समय सीमा के भीतर काम पूरा कर लेगी। इससे पहले विधानसभा के पहले दिन सभी सदस्यों ने सदन में दिवंगत पूर्व सांसद चक्रधारी सिंह और पूर्व विधायक भजन सिंह निरंकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। निधन उल्लेख के बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।जिसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ।
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