Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

छत्तीसगढ़: सूरजपुर में हाथियों ने 2 बच्चों को कुचलकर मारा, वन विभाग ने शुरू की जांच

Chhattisgarh Elephant News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हाथियों के एक दल ने पंडो जनजाति के दो बच्चों को कुचलकर मार डाला। यह दिल दहला देने वाली घटना शनिवार रात को प्रेमनगर के महेशपुर के आश्रित गांव चितखई में हुई, जहां एक परिवार जंगल में झोपड़ी बनाकर रह रहा था।

रात करीब 1 बजे, हाथियों का दल अचानक परिवार की झोपड़ी में घुस गया और उसने उसे पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। इस दौरान पंडो परिवार के पति-पत्नी और तीन बच्चे किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन दो छोटे बच्चे बिसू (11) और काजल (5) गहरी नींद में थे, और भागने में देर हो गई। हाथियों ने दोनों बच्चों को पटक-पटककर मार डाला। दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।

india news

झोपड़ी में सो रहे थे बच्चे

बिखू पंडो अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। रात के समय हाथियों का दल अचानक झोपड़ी के पास पहुंचा और उसे तोड़ना शुरू कर दिया। बिखू पंडो और उनके परिवार के बाकी सदस्य भागने में सफल हो गए, लेकिन बच्चों को बचाने का समय नहीं मिल पाया। हाथियों ने दोनों बच्चों को बुरी तरह से कुचल दिया।

हाथियों ने न केवल बच्चों को मारा, बल्कि झोपड़ी में रखे अनाज को भी खा लिया। परिवार के सदस्य किसी तरह से गांव पहुंचे और रात वहीं बिताई। सुबह होते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो देखा कि झोपड़ी पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी थी और दोनों बच्चों की लाशें पास में पड़ी हुई थीं।

वन विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ आरआर पैकरा, फॉरेस्ट एसडीओ अनिल सिंह, और प्रेमनगर रेंजर रामचंद्र प्रजापति समेत वन अमला घटनास्थल पर पहुंचा। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

वहीं, हाथियों का दल पिछले कुछ दिनों से प्रेमनगर क्षेत्र के बिरंचीबाबा जंगल में मौजूद था और आसपास के इलाकों में विचरण कर रहा था। वन विभाग के अधिकारी का कहना है कि हाथियों की निगरानी में लगे दल ने पंडो परिवार को हाथियों की मौजूदगी से पूरी तरह से सतर्क नहीं किया था, जिसके कारण यह दुखद घटना घटी।

प्रेमनगर क्षेत्र के आसपास के गांवों में हाथियों के हमले को लेकर दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की संख्या बढ़ने के कारण उनका जीवन संकट में है।

यह भी पढ़ें Amit Josh Encounter: 14 साल की उम्र में किया पहला अपराध, टेडी बियर का था शौकीन, पढ़िए अमित जोश की पूरी कुंडली

25 दिनों में 9 की मौत

छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमलों से हाल ही में स्थिति और बिगड़ गई है। पिछले 25 दिनों में हाथियों के हमले में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संकट को देखते हुए, कोरबा वन विभाग ने प्रशिक्षित कुमकी हाथी 'राजू' को काबू में करने के लिए बुलाया है। यह हाथी टाइगर ट्रैकिंग में भी अहम भूमिका निभा चुका है। कुमकी हाथी राजू अब पंतोरा इलाके में पहुंच चुका है, जहां वह बौखलाए हाथियों को नियंत्रित करने की कोशिश करेगा।

हाथी ट्रैकर्स का उपयोग

जशपुर के डीएफओ, जितेंद्र उपाध्याय ने इस संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "हाथी अपनी पारंपरिक मार्गों पर दशकों से चलते आ रहे हैं, लेकिन अब उनके रास्ते में मानव बस्तियां आ गई हैं। इस संघर्ष में दोनों पक्षों को नुकसान हो रहा है। हाथी ट्रैकर्स इन जानवरों को जंगलों में वापस भेजने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।"

यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़ में बाघ को दिया गया जहर, पोस्टमार्टम में सामने आया सच, वन विभाग ने शुरू की जांच

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+