Amit Josh Encounter: 14 साल की उम्र में किया पहला अपराध, टेडी बियर का था शौकीन, पढ़िए अमित जोश की पूरी कुंडली
Amit Josh Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस ने एक मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी अमित जोश को मार गिराया। अमित पर 35 हजार रुपये का इनाम था और उसके खिलाफ दुर्ग के विभिन्न थानों में 36 अपराध दर्ज थे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह किसी भी अपराधी का पहला एनकाउंटर है।
माता पिता भी थे अपराधी, बचपन में ली अपराध की लत
अमित जोश का अपराधी बनने की कहानी उसके बचपन से ही शुरू हुई थी। उसके पिता 'आर्ची जोश' भी गुंडा बदमाश थे, वह लोगों को ब्याज में पैसा देता थे, फिर उनके साथ मारपीट कर उनका सामान और पैसे हडप लेता थे। उसकी मां 'बिजी मॉरिस' भी पति के साथ ब्याज का धंधा चलाती थी। वह महिलाओं के साथ मारपीट और कई अवैध धंधे संचालित करती थी। अमित बचपन से ही मां और बाप को अपराध करते देखता था। इसके बाद उसका मन पढ़ाई में नहीं लगा।

14 साल की उम्र में पहला अपराध
अमित जोश ने 14 साल की उम्र में पहला अपराध किया था और उसके बाद से वह अपराध की दुनिया में ही रहा। उसने अपनी गुंडागर्दी के बल पर सेक्टर 6 के दो तीन ब्लॉक में बीएसपी के करीब 30 से अधिक मकानों पर कब्जा करके उन्हें किराये पर चढ़ाया था।
36 अपराध थे दर्ज, चार महीने से था फरार
पुलिस ने अमित जोश को एनकाउंटर में मारने के बाद बताया कि वह कुख्यात बदमाश था और किसी पर भी चाकू, छुरी और पिस्टल से हमला कर देता था। जुलाई 2024 में रात करीब डेढ़ बजे 3 लोगों को गोली मारी थी। हमले में 2 लोग घायल थे।
अमित जोश उर्फ मोरिस पर विश्रामपुर के सुनील यादव और आदित्य सिंह नाम के युवकों पर गोली चलाने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। इस घटना के बाद एसपी ने उस पर 10 हजार रुपये और आईजी ने 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की थी।
2000 में मारा था युवक को चाकू
अमित जोश का आपराधिक इतिहास 2000 में शुरू हुआ, जब उसने पहली बार एक युवक को चाकू मारा था। हालांकि, इसके बाद नौ साल तक उसने कोई बड़ा अपराध नहीं किया, लेकिन वर्ष 2009 में उसके खिलाफ फिर से मारपीट का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद से अमित ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और लगातार अपराधों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
2013 की थी हत्या
अमित जोश उर्फ मोरिस, जो कि जिले का एक कुख्यात बदमाश और आदतन अपराधी था, पुलिस के पकड़ में आ गया है। रंजिश के चलते और बिना किसी ठोस कारण के लोगों को मारने, लूट और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल अमित जोश कई बार जेल जा चुका था।
वर्ष 2013 में, अमित और उसके साथियों ने कल्याण कालेज के सामने सेक्टर-7 निवासी लक्की सिंह नामक युवक की हत्या कर दी थी। इसके बाद से अमित जोश पर हत्या का प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 36 मामले दर्ज किए गए थे।
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बहन की कर दी गुंडे से शादी
इस मुठभेड़ के बाद दुर्ग पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन अमित जोश के परिवार के लिए यह एक बड़ा झटका है। उसकी बहन प्रियंका जॉर्ज भी अपराधियों को संरक्षण देती थी और बीएसपी में दर्जनों क्वॉर्टर पर कब्जा कर उन्हें किराए पर चढ़ाती थी। अमित जोश की इकलौती बहन 'प्रियंका जॉर्ज' भी आपराधिक सोच की है।
अमित जोश ने उसकी शादी भी एक गुंडे लकी जॉर्ज से की। बहन अपने पति के साथ सेक्टर में ही एक बड़े मकान में कब्जा करके गुजर बसर करने लगी, लेकिन उसने अपराधियों को संरक्षण देना बंद नहीं किया। अमित जोश ने जब तीन गोली मारी थी, तो अपने दोस्तों के साथ बहन के घर पर ही छिपा था।
खूंखार अपराधी के मासूम शौक
पराधी अमित जोश, जिसने अपनी गुंडागर्दी और दबंगई के बल पर सेक्टर 6 के दो-तीन ब्लॉक में बीएसपी के करीब 30 से अधिक मकानों पर कब्जा कर उन्हें किराये पर चढ़ा दिया था, अब एक नई वजह से चर्चा में है। बीएसपी द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान जब जोश का मकान तोड़ा गया, तो वहां बड़ी संख्या में टेडी बियर मिले, जो उसकी मां के मुताबिक, उसके बचपन का पसंदीदा खिलौना था।
वह जहां भी जाता था, वहां से टेडी बियर खरीद लाता था। इस घटना ने यह दिखा दिया कि भले ही वह अपराध की दुनिया में डूबा हुआ था, लेकिन उसकी एक मासूमियत भी थी, जो बचपन की यादों और पसंद से जुड़ी हुई थी।
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