छत्तीसगढ़ में नही बरस रहे बादल, मानसून प्रवेश के बाबजूद कम वर्षा, किसान चिंतित
छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश होने के बावजूद बादल रूठे हुए नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इस साल 27 जून तक की स्थिति में 113.5 मिमी औसत बारिश हुई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 229.7 मिमी औसत बारिश से लगभग 50 फीसद कम है
रायपुर, 28 जून। छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश होने के बावजूद बादल रूठे हुए नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इस साल 27 जून तक की स्थिति में 113.5 मिमी औसत बारिश हुई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 229.7 मिमी औसत बारिश से लगभग 50 फीसद कम है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मानसून के भटकाव को देखते हुए गांवों में जरूरतमंदों के लिए रोजगारमूलक कार्य जारी रखने के निर्देश जारी किये हैं। सीएम भूपेश ने सभी कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मनरेगा के माध्यम से रोजगारमूलक कार्य चालू रखने के साथ ही जरूरत के मुताबिक नये कार्य भी मंजूर करने को कहा है, ताकि गांवों में जरूरतमंदों को रोजगार मिल सके।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष 27 जून तक की स्थिति में 113.5 मिमी औसत बारिश हुई है, जो बीते साल इसी दरमियान में हुई 229.7 मिमी औसत बारिश से लगभग 50 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 7 जिलों में इस साल अब तक 40 प्रतिशत कम बारिश् हुई है। बलरामपुर जिले में 60 और दुर्ग 48, जशपुर में 72, कोण्डागांव और कांकेर में 47, रायपुर जिले में 56 और सरगुजा जिले में औसत रूप से 63 प्रतिशत कम बारिश के कारण खेती-किसानी का काम प्रभावित हुआ है। खरीफ फसलों की बुआई भी पिछले साल की तुलना में कम हुई है। 2021 में 27 जून की स्थिति में प्रदेश में 4 लाख 76 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोनी की जा चुकी थी , जबकि इस वर्ष कम बारिश होने के कारण से अभी तक 2 लाख 27 हजार हेक्टेयर में ही खरीफ फसलों की बुआई हुई है। मानसून के रूठ जाने के चलते खेती-किसानी का काम पिछड़ गया है। गांवों में जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने के मकसद से मनरेगा के कामों को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।












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