Chhattisgarh: गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर बोले मंत्री सिंहदेव, हर किसी की होती है अभिलाषा, मेरी भी है

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने यह बात कहकर सबको चौंका दिया है। मंत्री टीएस सिंहदेव यह बयान अम्बिकापुर में मीडिया से चर्चा करते दिया, उन्होने कहा कि राजनीति में हर किसी की अभिलाषा होती है मेरी भी है।

अम्बिकापुर, 27 अगस्त। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद अब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने यह बात कहकर सबको चौंका दिया है। मंत्री टीएस सिंहदेव यह बयान अम्बिकापुर में मीडिया से चर्चा करते दिया, उन्होने कहा कि राजनीति में हर किसी की अभिलाषा होती है मेरी भी है। उन्होने कहा गुलाम नबी आजाद राष्ट्रीय स्तर के नेता थे। इस्तीफा उनका अपना निर्णय है। शायद अब उन्हें लगा हो कि कांग्रेस में अब काम करने की जगह नहीं बची है। इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया होगा। उन्हें इस तरह से पार्टी नही छोड़नी थी।

TS singhdev gulam nabi

जम्मू कश्मीर के सीएम रहे गुलाम नबी
अम्बिकापुर में मीडिया से चर्चा के दौरान राजनीति में गुलाम नबी आजाद के योगदान को बताते हुए सिंहदेव ने कहा कि वे राष्ट्रीय स्तर के नेता थे, राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे। वहीं शीर्ष नेतृत्व के भी करीबी माने जाते थे। आजाद बेहद संवेदनशील राज्य जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रहे। उन्हे जम्मू कश्मीर की जिम्मेदारी चुनाव अभियान समिति के माध्यम से फिर से दी गई थी, लेकिन उन्होंने स्वीकार नही किया। उनके पास लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य होने का लंबा अनुभव है। उन्हें अपनी बात पार्टी फोरम रखनी चाहिए थी।

सिंहदेव बोले सबके मन में होती है कुछ अभिलाषा
सिंहदेव ने आगे कहा कि मत में भले चाहे जो भी अंतर हो लेकिन सबके मन में कुछ अभिलाषा होती है, मेरी भी है,आपकी भी होंगी अगर उसकी पूर्ति नहीं हो रही है। तो सार्वजनिक पटल पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना अनुशासन हीनता के दायरे में आता है। गुलाम नबी आजाद काफी समय से मुखर होकर पार्टी के अंदर की बातों को सार्वजनिक मंच पर रख रहे थे। फिर भी पार्टी ने उनके कद और सम्मान का ध्यान रखते हुए कोई कार्रवाई नहीं की।

सिंहदेव ने कहा हाईकमान ने दिया सम्मान
टीएस सिंहदेव ने गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे को लेकर कहा कि हाईकमान ने वरिष्ठ नेता आजाद के लिए काफी संयम बरता है हमेशा उनके सम्मान का ध्यान रखा गया। इसलिए न तो आजाद के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर कुछ बोलने से रोका गया। हालांकि मंत्री सिंहदेव ने यह भी कहा कि हर किसी की अलग राय हो सकती है।

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पार्टी फोरम में रखनी चाहिए बात
सिंहदेव ने कहा कि किसी सदस्य की अभिव्यक्ति एक दायरे में ही होनी चाहिए, एक फोरम पर होनी चाहिए। इसलिए अगर गुलाम नबी आजाद भी पार्टी के फोरम पर अपनी बात रखते तो अच्छा था। जब तक वे कांग्रेस में थे, उन्हें इस तरह से पार्टी की बातों या उसके खिलाफ बातें नहीं कहनी चाहिए थी। दरअसल आजाद ने इस्तीफा देते हुए राहुल गांधी समेत कई नेताओं पर जमकर निशाना साधा।
सोनिया गांधी को भेज इस्तीफा
आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने 26 अगस्त को पार्टी के प्राथमिक सदस्यता एवं सभी पदों से इस्तीफा देते हुए पांच पन्नो का इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि भारत जोड़ो यात्रा की जगह अब कांग्रेस जोड़ो यात्रा शुरू करनी चाहिए। जिस पर अब कांग्रेस नेताओं के बयान सामने आ रहें हैं।

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