Chhattisgarh: पुलिस के "शांति कक्ष" में होगा मेडिटेशन, बिखरते परिवारों को जोड़ने कवर्धा पुलिस की नई पहल

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में अब पति पत्नी के बीच मनमुटाव से रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत महिला जिले के महिला सेल में शान्ति कक्ष बनाया गया है।

कवर्धा, 14 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में अब पति पत्नी के रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत जिले के महिला सेल में शांति कक्ष बनाया गया है। इस शांति कक्ष में पारिवारिक और घरेलू विवाद को सुलझाने के कुछ विशेष तरीकों को अपनाया जा रहा है। कवर्धा पुलिस ने महिला थाने में एक तरह का मेडिटेशन रूम बनाया है। जिससे परिवार बिखरने से बचाया जा सके।

दम्पतियों को कराया जाएगा मेडिशन

दम्पतियों को कराया जाएगा मेडिशन

कबीरधाम जिले में पुलिस की पहल से तैयार किये गए शांति कक्ष में आने वाले दम्पतियों और परिजनों को पहले पानी पिलाकर एसी युक्त शांति कक्ष में बैठाया जाएगा। इस कक्ष में घरेलू विवाद को लेकर पहुंचने वाले परिवार को उनकी शिकायत और दलील सुनने से पहले मेडिटेशन रूम में बैठाकर मेडिटेशन कराया जाएगा जाएगा। जिसके बाद बाद उन लोगों की समस्या सुनी जाएगी। जिसके बाद पुलिस काउंसलिंग कराएगी। जिससे घरेलू हिंसा या विवाद के बाद आए लोगों को राहत महसूस हो सके।

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में हुई शुरुआत

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में हुई शुरुआत

छत्तीसगढ़ प्रदेश का ऐसा पहला जिला है जिसने इस नवाचार को अपनाया है। कबीरधाम जिले में महिला सेल के माध्यम से पुराना पुलिस लाइन में इस कक्ष का निर्माण किया गया है। इस शांति कक्ष का निर्माण पहली बार कवर्धा पुलिस ने की है। इस कार्यालय का उद्घाटन करते एसपी लाल उमेद सिंह ने किया है। इस पहल की सराहना पुलिस मुख्यालय के आलाधिकारियों ने भी की है। जिसके बाद पारिवारिक मामलों को शांतिपूर्वक निपटने के लिए इस तरह के नवाचार अन्य जिलों में भी किए जाने की तैयारी है।

शांति कक्ष में कुछ इस तरह होगी व्यवस्था

शांति कक्ष में कुछ इस तरह होगी व्यवस्था

जिले के एसपी लाल उमेंद सिंह ने इस शांति कक्ष की व्यवस्थाओं को लेकर बताया कि शांति कक्ष में नीचे बैठने के कुर्सियों की जगह गद्दे की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यह पूरी तरह वातानुकूलित होगा। कमरे में कपूर या अन्य सुगन्धित चीजों का उपयोग मन को शांत करने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही यहां ध्यान करने के लिए योग व धार्मिक गीत चलाये जाएंगे।

आवेश में आकर फैसला लेने से टूटते है परिवार

आवेश में आकर फैसला लेने से टूटते है परिवार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला सेल में छोटी छोटी बातों पर पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा के मामले सामने आते हैं। कई बार दम्पत्ति अपने गुस्से में आकर गलत फैसला लेते हैं और इन्हीं गुस्से और झगड़े के कारण परिवार टूट जाता है। जिसके आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहें हैं। इसी वजह से इस कक्ष को बनाया गया है। इस कक्ष के निर्माण से सकारात्मक परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है। जिससे एक अच्छे महौल में बिखरता हुआ परिवार फिर से एक हो सके।

पारिवारिक विवादों में महिला सेल की बड़ी जिम्मेदारी

पारिवारिक विवादों में महिला सेल की बड़ी जिम्मेदारी

क्राइम के अन्य मामलों के साथ पुलिस विभाग के महिला सेल को पारिवारिक झगड़े, पति-पत्नी के बीच विवाद, घरेलू हिंसा के मामले सुलझाने पड़ते हैं। इस सेल को क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल भी कहा जाता है। यहां महिला पुलिस का काम इन विवादों को काउंसलिंग कर सुलझाना होता है। इसके साथ ही पुलिस का प्रयास होता है कि परिवारिक मामलों में विवाद से परिवार न बिखरे। और काउंसलिंग के माध्यम से ही समझौता करवाया जा सके। अधिककतर मामलों में पुलिस प्रयास करती है कि काउंसलिंग करवाकर दोनों के बीच विवाद को शांत कराया जा सके। अगर फिर भी समाधान नही होता तब फिर महिला सेल आरोपियों के खिलाफ थाने में केस दर्ज करती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+