Chhattisgarh Election: राजनीतिक दलों के सामने होगी ईवीएम और वीवीपैट की जांच, ताकि विश्वसनीयता बरकरार रहे
CHHATTISGARH ELECTION: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए हर मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानि ईवीएम के साथ वीवीपीएटी (वीवीपैट) का भी प्रयोग किया जाएगा। निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक इस व्यवस्था के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में बैलेट यूनिट्स, कंट्रोल यूनिट्स और वीवीपैट उपलब्ध करवाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के सहायक निर्वाचन पदाधिकारी रूपेश कुमार वर्मा ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि EVM मशीन और VVPAT की विश्वनीयता बढ़ाने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि की उपस्थिति में ईवीएम की टेस्टिंग की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 55 हजार 071 बैलेट यूनिट्स, 35 हजार 424 कंट्रोल यूनिट्स और 41 हजार 613 वीवीपैट उपलब्ध हैं। मतदान के लिए प्रयोग में लाने से पहले ईएमएस (EMS) सॉफ्टवेयर का उपयोग कर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपीएटी को दो बार रेंडमाइज किया जाता है।
पहली बार इन्हें विधानसभा चुनाव क्षेत्र आबंटित किए जाने के दौरान और द्वितीय बार इन्हें मतदान केंद्र आबंटित किए जाने के दौरान रेंडमाइज किया जाता है। रेंडमाइजेशन और कमिश्निंग की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया जाता है। दोनों रेंडमाइजेशन के बाद ईवीएम एवं वीवीपैट की रेंडमाइज्ड सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों व निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को प्रदान की जाती है।
बताया गया है कि विधानसभा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद ईवीएम एवं वीवीपैट की कमिश्निंग की जाती है। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह काम किया जाता है। कमिश्निंग हॉल में लगाए गए टीवी मॉनिटर के माध्यम से अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता वीवीपैट में सिंबल (चुनाव चिन्ह) लोडिंग की प्रक्रिया को देख सकेंगे।
वहीं कमिश्निंग के बाद प्रत्येक ईवीएम और वीवीपैट में नोटा (NOTA) समेत प्रत्येक उम्मीदवार के लिए एक वोट देकर मॉक पोल किया जाता है । इसके अतिरिक्त रेंडम रूप से चुने गए पांच प्रतिशत ईवीएम एवं वीवीपैट पर 1000 वोट डालकर मॉक पोल किया जाता है। इनके इलेक्ट्रॉनिक परिणाम का मिलान भी वीवीपैट के पेपर स्लिप से किया जाता है।
चुनाव ने आयोग के अधिकारियों ने बताया कि वोटिंग के दिन वास्तविक मतदान शुरू होने के 90 मिनट पूर्व मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में तीन बार मॉक पोल किया जाता है। इस दौरान नोटा समेत प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए एक वोट डालकर कम से कम 50 वोट के साथ मॉक पोल किया जाता है। कंट्रोल यूनिट पर प्राप्त मॉक पोल के परिणाम का मिलान वीवीपैट से प्रिंट की गई पर्ची के साथ कर एक प्रमाण पत्र पीठासीन अधिकारी द्वारा तैयार किया जाता है। मॉक पोल के तुरंत बाद कंट्रोल यूनिट का क्लियर बटन दबाकर मॉक पोल का डॉटा डिलीट किया जाता है। साथ ही कंपार्टमेंट से निकाल कर काले रंग के लिफाफे में भरकर मॉक पोल की वीवीपैट पेपर स्लिप को सील किया जाता है।












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