छत्तीसगढ़:अंसतुष्ट कर्मचारियों को साधने में जुटी भाजपा, प्रमोशन में आरक्षण ना मिलने के खिलाफ हुई मुखर
Chhattisgarh: BJP engaged in cultivating disgruntled employees, vocal against not getting reservation in promotion
रायपुर,04 फरवरी। छत्तीसगढ़ में भाजपा सिलसिलेवार तरीके से अलग-अलग मुद्दों की आड़ लेकर भूपेश बघेल सरकार को घेर रही है। वह कभी बेरोजगारी के मुद्दे पर ,तो कभी सरकारी नौकरी में कर रहे बड़े कर्मचारी वर्ग का हितैषी बताने का प्रयास कर रही है। हाल ही के बयानों पर नजर डालें तो भाजपा में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ,प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ,नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक समेत सभी बड़े नेताओं ने राज्य में चल रहे कर्मचारी आंदोलनों का समर्थन किया है। फिर बात चाहे पुलिस आंदोलन की रही हो ,सहायक शिक्षकों और रेडी टू ईट से जुड़ी स्व सहायता समूहों की महिलाओं या केंद्र सरकार सामान भत्तों की मांग को लेकर चलाये अभियान की रही हो। अब भाजपा आरक्षित वर्ग के सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति रोकने के मामले में भी भाजपा मुखर नजर आ रही है।

भाजपा ने आदिवासी समाज की मांगो का किया समर्थन
शुक्रवार को अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिलने के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। इस विरोध में भाजपा भी कूद गई है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ और सर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण ना मिलने के कारण आयोजित धरना प्रदर्शन पर भूपेश बघेल सरकार को घेरते हुए कहा है कि शासकीय सेवकों के लिये पदोन्नति में आरक्षण का लाभ आदिवासियों का संवैधानिक अधिकार है। प्रदेश में भूपेश बघेल सरकार के गलत निर्णयों के कारण आदिवासी वर्ग के शासकीय सेवक फरवरी 2019 से पदोन्नति में आरक्षण के लाभ से वंचित हो गये हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भाजपा की चेतावनी
विकास मरकाम ने बताया कि भूपेश बघेल सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पदोन्नति का नया नियम बनाना था, ताकि पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिल सके, परंतु कांग्रेस की ये सरकार इस पर गंभीर नहीं है। मरकाम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी सरकार के गलत निर्णयों के कारण आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के साथ भाजपा हनन बर्दाश्त नहीं करेगी । उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण कोई भीख नहीं बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम इसे लेकर रहेंगे।
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आरक्षण का लाभ ना मिलने से बंद रहा दंतेवाड़ा
इधर शुक्रवार को समाज ने शिक्षा विभाग में शासकीय कर्मचारियों का आरक्षण बिना पदोन्नति सूची जारी करने से नाराज आदिवासी समाज के लोगो ने दंतेवाड़ा बंद का आह्वान किया जो सफल नजर आया। आदिवासी समाज के लोगों का कहना है कि आरक्षण के लिए हाईकोर्ट में अनुसूचित जति और जनजाति के पिछड़ेपन के जुड़ा आंकड़ा प्रस्तुत कर दिया गया है।मामला में कोर्ट में विचाराधीन है।
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महंगाई भत्ता दिलवाने भी भाजपा मुखर
भाजपा केवल आरक्षण ही बघेल सरकार को नहीं घेर रही ,बल्कि कर्मचारियों की दूसरी मांगों का भी खुलकर समर्थन है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने ने बयान जारी करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकारी और कर्मचारियों को राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 14% कम महंगाई भत्ता का भुगतान किया जा रहा है ।उपासने ने कहा कि महंगाई भत्ते के मामले में राज्य के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में दो से तीन वर्ष पीछे चल रहे हैं, वहीं कई अन्य भत्ते सातवां वेतनमान लागू होने के 6 वर्ष के बाद भी पुराने छठवें वेतनमान के अनुसार ही दिए जा रहे हैं, जो अन्याय है। उपासने ने कहा कि भाजपा कर्मचारी हितों खड़ी हुई है।












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