भारत में सुधारों को लेकर आशावान अमेरिका

नई दिल्‍ली। अमेरिका की ओर से भारत के लिए एक अच्‍छी खबर आई है। अमेरिका देश की नई सरकार की ओर से अर्थव्‍यवस्‍था को सुधारने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया से काफी खुश और आशावान है। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि भारत ने रक्षा और रेलवे में एफडीआई की दर को बढ़ाने का जो फैसला लिया है, वह देश के सकारात्‍मक रवैये को दर्शाता है।

michael froman

लेकिन सावधान भी है अमेरिका

अमेरिका ट्रेड पॉलिसी फोरम के प्रतिनिधि माइकल फ्रोमन की ओर से यह बात कही गई है। माइकल ने कहा है कि निश्चित तौर पर यह एक बड़ी सकारात्‍मक पहल है, रक्षा और रेलवे में विदेशी निवेश बढ़ाया गया।

वहीं हम यह बात भी नजरअंदाज नहीं करना चाहते हैं कि कुछ सीमा शुल्‍क भी बढ़ाया गया है। निश्चित तौर पर रिफॉर्म की यह प्रक्रिया काफी लंबे समय तक चलने वाली है। फ्रोमन की मानें तो अमेरिका आशावान तो है लेकिन अमेरिका सुधारों के बाद भी सावधानी बरतेगा।

बुधवार से शुरू फोरम

फ्रोमन की मानें तो भारत में उदारीकरण, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर में सुधार और व्‍यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए जो चीजें चाहिए उसकी सख्‍त जरूरत है। फ्रोमन अब इन मुद्दों को ट्रेड पॉलिसी फोरम में जरूर उठाएंगे। अमेरिका-इंडिया ट्रेड पॉलिसी फोरम भारत और अमेरिका की सरकारों के बीच होने वाली बातचीत की प्रक्रिया को बढ़ाने के बनाया गया है।

इस फोरम के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश के बारे में भी बात होती है। फोरम की सह अध्‍यक्षता कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमन करेंगे। फोरम की शुरुआत बुधवार से होगी।

फ्रोमन ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय कारोबार 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है और यह वर्ष 2001 की तुलना में पांच गुना ज्‍यादा है। इसकी वजह से नई नौ‍करियों के अवसर पैदा हो रहे हैं। इसके बाद भी कुछ मौकों को लेकर अभी भी कई सवाल हैं।

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