4 बच्चों की मां ने 16 हजार खर्च कर जांघ पर बनवाया टैटू, घंटों बाद ही जाने लगी जान, होना पड़ा एडमिट, बताया दर्द
चार बच्चों की मां ने करीब 16 हजार रुपये से अधिक खर्च कर पैर पर बड़ा सा टैटू बनवाया। उन्होंने अपने जांघ पर घड़ी के रूप में जिसमें एक आंख भी है, उसको बनाया। डायल घड़ी के आकार का बहुत बड़ा टैटू पूरे जांघ पर गुदवाया।
नई दिल्ली, 26 सितंबर: चार बच्चों की मां ने करीब 16 हजार रुपये से अधिक खर्च कर पैर पर बड़ा सा टैटू बनवाया। उन्होंने अपने जांघ पर घड़ी के रूप में जिसमें एक आंख भी है, उसको बनाया। डायल घड़ी के आकार का बहुत बड़ा टैटू पूरे जांघ पर गुदवाया। लेकिन ये टैटू उनकी जान पर आफत बन गई। इस टैटू ने महिला का जीना दुश्वार कर दिया। महिला का कहना है कि वह कुछ ही घंटे में दर्द से तड़पने लगी। उनसे चला नहीं जा रहा था। उसके जांघ में बहुत खुजली हो रही थी। सड़े हुए मांस जैसी गंध आने लगी।

गहरा हो गया जख्म
शिकायत करने पर टैटू आर्टिस्ट ने सुन्न करने वाली क्रीम पर सारा दोष मढ़ दिया। हालांकि, महिला शायन का दावा है कि डॉक्टरों ने कहा कि इंक को स्किन के काफी अंदर तक डाल दिया था। जिसकी वजह से इंफेक्शन हुआ।

टैटू बनने पर बहुत खुश थी महिला
उन्होंने बताया कि जहां पर इंक को ज्यादा अंदर तक डाला था, वहां पर जख्म भी बहुत गहरे हुए। जिससे उन्हें चलने में भी दिक्कत हो रही थी। यह घटना इंग्लैंड की है और शायन वेस्ट यॉर्कशायर की रहने वाली है। उन्होंने बताया कि जब टैटू बनाया तो बहुत सुंदर लग रहा था। यह मेरे सबसे पसंदीदा टैटू में से एक था। मैं इससे बहुत खुश थी।

दर्द से हुआ बुरा हाल
शायन ने बताया कि मैंने बिना पेन किलर के चार बच्चों को जन्म दिया है। लेकिन कुछ घंटों के बाद इस टैटू से इतना दर्द होने लगा कि मैं चल भी नहीं सकती थी। बहुत ही बुरे तरीके से दर्द हो रहा था। चार घंटे के अंदर ही शायन दर्द से कराहते हुए बेड पर लेट गई। इसे अपने जीवन का सबसे बुरा अनुभव बताया।

जाना पड़ा अस्पताल
उन्होंने आर्टिस्ट पर गुस्सा झाड़ते हुए कहा कि उसने मेरे पैर को कुचल दिया। रिस रहा था और सड़ रहा था। यहां तक कि सड़ते हुए मांस की तरह गंध आ रही थी। मुझे लगा कि मैं अब मर जाऊंगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ा।

जीवन का सबसे बुरा अनुभव रहा
डॉक्टर ने उन्हें एंटीबायोटिक्स और पेन किलर दिए। तीन महीने तक उन्हें दर्द में रहना पड़ा। तीन महीने के बाद उनका जख्म ठीक हुआ। उन्हें हर तीन दिन में ड्रेसिंग बदलने के लिए अस्पताल जाना पड़ता था। महीनों तक आर्टिस्ट का पीछा करने के बाद सॉलिसिटर ने उन्हें ईमेल किया और कहा कि हम कुछ नहीं कर सकते क्योंकि लड़का टैटू बनाने वाले के रूप में पंजीकृत नहीं है और उसके पास बीमा नहीं है।
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