पार्टी और परिवार से बेदखल किए जाने पर छलका Tej Pratap Yadav का दर्द, खुद को बताया 'राम' कौन है 'कैकेयी'?
Tej Pratap Yadav News: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और विधायक तेजप्रताप यादव परिवार और पार्टी से बेदखल किए जाने के बाद इन दिनों बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं। वह अपने सरकारी आवास में रह रहे हैं और उन्होंने अनुष्का यादव के साथ अपने रिश्ते पर भी मुहर लगा दी है। तेजप्रताप ने कहा कि जैसे कैकेयी ने श्रीराम को वनवास भेज दिया था वैसे ही मैं भी वनवास झेल रहा हूं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वह तस्वीर किसी और ने नहीं बल्कि खुद उन्होंने ही पोस्ट की थी। उन्होंने अपनी पिछले पोस्ट में गद्दार और जयचंद जैसे शब्द इस्तेमाल किए थे। इस पर उन्होंने कहा कि सब जानते हैं ये गद्दार और जयचंद कौन हैं।

Tej Pratap Yadav ने किसे बताया कैकेयी और जयचंद
तेजप्रताप यादव ने मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में यह भी माना कि वह अपने माता-पिता और घर को काफी मिस करते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी मां से बात होती है, लेकिन इस घटना के बाद से पापा (लालू यादव) से एक दो बार ही बात हुई है। उन्होंने तेजस्वी यादव से मतभेद से इनकार करते हुए कहा कि वह अपने छोटे भाई के लिए खुश हैं। उनका सपना कभी भी मुख्यमंत्री बनने का नहीं थी। इशारों में लालू के बड़े बेटे ने बता दिया है कि परिवार में ही जयचंद और कैकेयी मौजूद हैं।
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अनुष्का यादव से रिश्ते पर लगाई मुहर
तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें शेयर कर एक पोस्ट में लिखा था कि वह 12 सालों से रिश्ते में हैं। बाद में उन्होंने कहा था कि यह पोस्ट अकाउंट हैक करके किसी और ने किया था। इसी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद लालू यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से 6 साल के लिए निकाल दिया है। हालांकि, तेजप्रताप ने अब कहा कि यह पोस्ट किसी और ने शेयर नहीं किया था, मैंने ही शेयर किया था। उन्होंने कहा, 'उस समय ऐसी स्थिति बन गई थी इसलिए कहना पड़ा कि अकाउंट हैक हो गया है। हर कोई प्यार करता है, हमने भी किया है। हां, मैं प्यार में हूं।'
'भगवान राम को भी वनवास भोगना पड़ा था'
तेजप्रताप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जयचंद और गद्दार शब्द का इस्तेमाल किया था। माना जा रहा था कि उनका इशारा तेजस्वी यादव और संजय यादव की ओर है। हालांकि, उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा, 'झगड़ा क्या होगा... तेजस्वी से क्यों झगड़ा होगा...मेरा छोटा भाई है। इतना लालची नहीं हूं कि कुर्सी से चिपककर बैठ जाऊं। भगवान राम भी बड़े थे, लेकिन 14 साल का वनवास भोगना पड़ा था। मुझे भी वनवास हुआ है।' उन्होंने कहा कि जनता तय करेगी कि किसने कैकेयी की भूमिका निभाई है। ऐसा दावा किया जाता है कि संजय यादव की वजह से तेजप्रताप और तेजस्वी में दूरियां आईं। इस पर उन्होंने कहा कि उन लोगों से ही पूछिए कि क्या किए नहीं किए।
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हालांकि, तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि उन्हें घर-परिवार की याद आती है। उन्होंने कहा, 'घर की याद किसको नहीं आती है? सबको आती है, हमको भी आती है। पापा से एक-दो बार बात हुई फिर उसके बाद बात नहीं हुई। माताजी से बातचीत होती रहती है। मां ने अभी आम भिजवाया था।'












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