Bihar Chunav Story: नीतीश कुमार के एक 'मुक्के' ने बदल दी बिहार की सियासत, जानें कब और कहां हुई ये घटना
Bihar Chunav Story: बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान अगले सप्ताह हो सकता है। इन सबके बीच राजनीति से जुड़े पुराने किस्से भी चर्चा में हैं। ऐसा ही एक किस्सा नीतीश कुमार की युवावस्था के दिनों से भी जुड़ा हुआ है। देश के जाने-माने पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में ऐसा ही एक किस्सा शेयर किया था। ऐसे ही एक दौर में नीतीश कुमार ने एक मुक्का मारकर ऐलान कर दिया था कि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे।
दरअसल यह बात साल 1977 की है, जब नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद बिहार के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा उनमें भरा हुआ था। पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने बताया कि उसी दौरान पटना के एक कॉफी हाउस में उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात हुई थी। उसी दौरान उन्होंने टेबल पर मुक्का मारकर कहा था कि एक दिन प्रदेश के सीएम बनकर रहेंगे।

Nitish Kumar ने किया था मुख्यमंत्री बनने का ऐलान
पद्मश्री से सम्मानित पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने बताया, 'नीतीश कुमार भले ही विधानसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन उनके जज्बे में कहीं कोई नहीं थी। बातों ही बातों में उन्होंने कहा कि अगर हम बिहार के मुख्यमंत्री बन जाते, तो अच्छा काम करते। इसी दौरान बात करते हुए वह काफी उत्तेजित हो गए और उन्होंने टेबल पर मुक्का मारकर कहा कि एक दिन हम जरूर सीएम बनेंगे।'
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Nitish Kumar ने कहा था, 'एक दिन सीएम जरूर बनेंगे'
पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने बताया, 'हम दो ही लोग उस वक्त कॉफी हाउस में बैठे थे। हमारी बातचीत तब के मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की कार्यशैली को लेकर चल रही थी। इसी दौरान मैंने कहा कि कर्पूरी जी से जैसी उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो रही है। उस पर नीतीश कुमार ने टेबल पर मुक्का मारते हुए कहा था कि रेंद्र जी मैं एक दिन मुख्यमंत्री जरूर बनूंगा. पर,यह जान लीजिए कि मुख्यमंत्री बनकर मैं अच्छा काम करूंगा।' सुरेंद्र किशोर कहते हैं कि उस वक्त मुझे लगा था कि यह शायद बड़बोलापन है, लेकिन बाद में उन्होंने इसे सच साबित करके दिखाया।
पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने नीतीश की राजनीति को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने अपनी किताब में लिखा, 'मुझे याद है कि नीतीश जी के चेहरे पर उस वक्त भी बहुत मजबूती थी और वह अपने अंदाज में बेहद दृढ़ नजर आ रहे थे।' नीतीश कुमार ने 1977 में भले ही वह सब कुछ उत्तेजना में कहा हो, लेकिन भविष्य में उन्होंने उस दावे को सच करके दिखाया। साल 2005 में वह बिहार के सीएम बने और तब से लगातार प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। बीच में सिर्फ कुछ समय के लिए उन्होंने पद से इस्तीफा दिया था और जीतनराम मांझी को सीएम बनाया।
Bihar Chunav में इस बार दिलचस्प रहेगा मुकाबला
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। एनडीए और महागठबंधन के अलावा इस बार जनसुराज भी मैदान में है। इससे विधानसभा चुनाव का मुकाबला त्रिकोणीय रहने वाला है। चुनाव से पहले नीतीश कुमार लगातार कई योजनाओं का ऐलान कर रहे हैं। इधर पीके सम्राट चौधरी से लेकर दूसरे नेताओं पर भ्रष्टाचार से लेकर और दूसरे कई तरह के आरोप लगा रहे हैं। तेजस्वी यादव भी वोट अधिकार यात्रा के बाद अब पूरे बिहार में चुनाव प्रचार के लिए यात्रा कर रहे हैं।
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