Global Peace Index: सुरक्षित देशों की लिस्ट में भारत टॉप-100 से बाहर, किसने किया टॉप-कौन रहा फिसड्डी?
Global Peace Index: ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) ने आधिकारिक तौर पर साल 2026 के लिए दुनिया के सबसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण देशों की नई रैंकिंग जारी कर दी है। हर साल आने वाली इस रिपोर्ट में दुनिया के 163 स्वतंत्र देशों और क्षेत्रों का डिटेल में एनालिसिस किया जाता है। इस बार भी रिपोर्ट ने कई दिलचस्प और चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, आइसलैंड एक बार फिर दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश घोषित हुआ है। वहीं दूसरी तरफ रूस को दुनिया के सबसे कम शांतिपूर्ण देशों में सबसे निचले स्थान पर रखा गया है। भारत की बात करें तो वह इस साल भी दुनिया के टॉप-100 सबसे शांतिपूर्ण देशों की सूची में जगह बनाने में सफल नहीं हो पाया।

दुनिया में लगातार घट रही है शांति
GPI 2026 की रिपोर्ट सिर्फ रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की भी तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर शांति लगातार कमजोर हो रही है और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण दुनिया भर में बढ़ते सशस्त्र संघर्ष हैं।
रिपोर्ट बताती है कि वर्तमान समय में दुनिया दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद सबसे ज्यादा राज्य-आधारित संघर्षों का सामना कर रही है यानी कई देशों में अंदरूनी अशांति फैली हुई है। इतना ही नहीं, 2008 के बाद से उन देशों की संख्या भी दोगुनी हो गई है जो किसी न किसी बाहरी संघर्ष में शामिल हैं।
दुनिया के 10 सबसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण देश
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 के मुताबिक दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की लिस्ट, टॉप-10 में कौन से देश-
1. आइसलैंड
2. न्यूजीलैंड
3. स्विट्जरलैंड
4. स्लोवेनिया
5. आयरलैंड
6. ऑस्ट्रिया
7. पुर्तगाल
8. सिंगापुर
9. फिनलैंड
10. जापान
लगातार 19वीं बार नंबर-1 बना आइसलैंड
आइसलैंड ने एक बार फिर दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण देश का खिताब अपने नाम किया है। खास बात यह है कि यह लगातार 19वां साल है जब आइसलैंड इस सूची में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। एक्सपर्ट के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह देश में स्थायी सेना का न होना, बेहद कम अपराध दर और नागरिकों के बीच मजबूत सामाजिक विश्वास है। यही कारण है कि आइसलैंड दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में अपनी जगह लगातार बनाए हुए है।
न्यूजीलैंड ने लगाई छलांग, स्विट्जरलैंड तीसरे नंबर पर
इस साल न्यूजीलैंड ने एक स्थान का सुधार करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। वहीं स्विट्जरलैंड तीसरे नंबर पर मौजूद है। स्लोवेनिया चौथे और आयरलैंड पांचवें स्थान पर कायम हैं। यूरोप के कई देशों की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर दिखाती है कि यह क्षेत्र दुनिया के सबसे स्थिर इलाकों में शामिल है।
भारत और उसके पड़ोसियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
अगर दक्षिण एशिया और भारत के पड़ोसी देशों की बात करें, तो भूटान सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला देश रहा है। भूटान को इस साल 16वां स्थान मिला है। भारत 127वें स्थान पर है, जो टॉप-100 से काफी नीचे है। हालांकि भारत का प्रदर्शन पाकिस्तान से बेहतर रहा है, जिसे इस साल 152वां स्थान मिला है।
रूस, अमेरिका और ईरान जैसे बड़े देशों की रैंकिंग ने चौंकाया
रिपोर्ट में कई वैश्विक ताकतों की रैंकिंग ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। रूस, जो लंबे समय से भारत का रणनीतिक सहयोगी रहा है, इस बार सबसे नीचे के देशों में शामिल है। रूस को सीरिया और अफगानिस्तान जैसे संघर्षग्रस्त देशों से भी नीचे रखा गया है। दुनिया के सबसे कम शांतिपूर्ण देशों की सूची में रूस के साथ सूडान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, यूक्रेन और इज़राइल भी शामिल हैं। वहीं ईरान को 144वां और अमेरिका को 134वां स्थान मिला है। यह दिखाता है कि आर्थिक और सैन्य शक्ति हमेशा शांति की गारंटी नहीं होती।
यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल पीस इंडेक्स किसी देश की समग्र स्थिरता को समझने के लिए बेहद उपयोगी रिपोर्ट है। हालांकि केवल इसी के आधार पर यात्रा संबंधी निर्णय लेना सही नहीं होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी देश की यात्रा से पहले आधिकारिक सरकारी सलाह, स्थानीय सुरक्षा अपडेट और ताजा परिस्थितियों की भी जानकारी जरूर लें।
यूरोप सबसे शांत, दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा गिरावट
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो पश्चिमी और मध्य यूरोप दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं। इसके विपरीत मिडिल ईस्ट और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र दुनिया का सबसे कम शांतिपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। यहां लगातार युद्ध जैसे हालात, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आठ प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में से केवल पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया ऐसे क्षेत्र रहे हैं जहां शांति के स्तर में औसत सुधार दर्ज किया गया। दूसरी तरफ दक्षिण एशिया ने सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की है। इसका प्रमुख कारण नेपाल और पाकिस्तान में आंतरिक शांति के स्तर में आई कमी को बताया गया है।
कैसे तैयार होता है ग्लोबल पीस इंडेक्स?
इस साल ग्लोबल पीस इंडेक्स ने अपना 20वां संस्करण जारी किया है। यह रिपोर्ट दुनिया की 99.7 प्रतिशत आबादी को कवर करती है और 163 देशों तथा क्षेत्रों का एनालिसिस करती है। रैंकिंग तैयार करने के लिए कुल 23 अलग-अलग पैमानों का इस्तेमाल किया जाता है। इन पैमानों को तीन बड़ी कैटेगरी- सामाजिक सुरक्षा का स्तर, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों की स्थिति और तीसरा किसी देश का सैन्यीकरण स्तर के आधार पर किया जाता है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
GPI 2026 के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में वैश्विक शांति के औसत स्तर में 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 163 देशों में से 99 देशों की स्थिति पहले से खराब हुई है, जबकि केवल 62 देशों में सुधार देखने को मिला है। अगर 2008 से तुलना की जाए तो 119 देश आज पहले की तुलना में कम शांतिपूर्ण हैं। यह आंकड़ा बताता है कि दुनिया लगातार अधिक अस्थिर होती जा रही है।
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