MP में गरीबों को जल्द ही मिलेगा फोर्टीफाइड आटा, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से हो सकती है शुरुआत

कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में गरीबों को विटामिन युक्त फोर्टीफाइड आटा वितरित करेगी। इसके लिए सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है।

भोपाल,18 सितंबर। कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में गरीबों को विटामिन युक्त फोर्टीफाइड आटा वितरित करेगी। इसके लिए सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है। प्रदेश में गेहूं की जगह अब गरीबों को आटा वितरित किया जाएगा। सरकार यह आटा गरीबों को पिसाई की कीमत पर बांटेगी। इंदौर भोपाल सहित प्रदेश के 17 जिलों में इस योजना की शुरुआत की जाएगी। सूत्रों की माने तो प्रस्ताव को अगली कैबिनेट की बैठक में रखा जा सकता हैं। डबल फोर्टीफाइड आटा से जहां कुपोषण नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी, वहीं खाद्यान्न की कालाबाजारी भी रुकेगी। बता दे बीते दिन पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कांग्रेस की बैठक में श्योपुर जिले में कुपोषण को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।

4 जिलों में बनाए जाएंगे क्लस्टर

4 जिलों में बनाए जाएंगे क्लस्टर

आटा तैयार करने के लिए प्रदेश के 4 जिलों में क्लस्टर बनाए जाएंगे इसके बाद टेंडर जारी होंगे। फ्लोर मिलों को गेहूं और प्रोटीन विटामिन खाद्य विभाग उपलब्ध कराएगा। इसी फ्लोर मिल में आठ में प्रोटीन मिलाकर पांच 5 किलो के पैकेट तैयार किया जाएंगे। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर से गरीबों को आटा उपलब्ध कराने की शुरुआत की जा सकती है।

 29 लाख मैट्रिक टन गेहूं का सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण

29 लाख मैट्रिक टन गेहूं का सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण

जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 29 लाख मैट्रिक टन गेहूं का पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) में वितरण किया जाता है। वितरण करने में 2 से ₹3 प्रति किलो अतिरिक्त आर्थिक भार आने का अनुमान है। आटा तैयार करने वाली निजी कंपनियों को आयरन, विटामिन डी सहित अनेक पोषक तत्वों को मिलाना होगा, जिससे कुपोषण को नियंत्रण किया जा सके और ये पोषक तत्वों की व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी।

फ्लोर मिल वाले देंगे सरकार को आटा

फ्लोर मिल वाले देंगे सरकार को आटा

बताया जा रहा है कि गेहूं के बदले फ्लोर मिल वाले सरकार को हटा देंगे। इसके लिए सरकार उन्हें प्रति 100 किलो पर 5 किलो गेहूं देगी। इसी पर वे पिसाई व एयर और वाटर प्रूफ बैग में भरकर सिलाई करेंगे। इसके बदले सरकार मिलर्स को बारदाना देगी। मिल वालों को गेहूं परिवहन की चिंता नहीं करनी है। इसका भुगतान सरकार करेगी।

इन जिलों में बांटा जाएगा आटा

इन जिलों में बांटा जाएगा आटा

प्रदेश सरकार ने शुरुआती दौर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 जिलों आटा बांटने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन कुछ मंत्री और वरिष्ठ विधायकों ने सरकार पर दबाव बनाकर अपने-अपने जिले भी शामिल करवा लिए। ग्वालियर, दमोह, मंडला, हरदा मंदसौर, अनूपपुर,उज्जैन, झाबुआ छिंदवाड़ा, छतरपुर, रीवा और सागर जिले शामिल हैं।

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