Covid-19 का महिलाओं की नसों पर गहरा असर, European Heart Journal की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, हार्ट अटैक का खतरा
Covid-19 European Heart Journal study: कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। लाखों लोगों की जान गई और करोड़ों लोग आज भी इसके असर को महसूस कर रहे हैं। डॉक्टर और एक्सपर्ट लगातार कहते रहे हैं कि कोविड का खतरा सिर्फ संक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर शरीर पर लंबे समय तक रह सकता है।
अब यूरोपियन हार्ट जर्नल में छपी एक ताज़ा रिसर्च ने सबको चौंका दिया है। इसमें सामने आया है कि कोविड-19 संक्रमण महिलाओं की ब्लड वेसिल्स (रक्त वाहिकाओं) को लगभग 5 साल तक बूढ़ा कर सकता है और इसके कारण दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

European Heart Journal में ये मुख्य बातें कही गई
कोविड-19 का असर ब्लड वेसिल्स पर
- कोविड संक्रमण से धमनियां (Blood Vessels) सामान्य उम्र से लगभग 5 साल तक जल्दी बूढ़ी हो सकती हैं।
- इसका मतलब है कि धमनियां सख़्त और कम लचीली हो जाती हैं, जिससे ब्लड फ्लो पर असर पड़ता है।
महिलाओं पर ज्यादा असर
- यह प्रभाव खासतौर पर महिलाओं में अधिक पाया गया।
- पुरुषों में ऐसा बड़ा फर्क देखने को नहीं मिला।
स्टडी का सैंपल
- ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील और यूरोप सहित 16 देशों के लगभग 2400 लोगों को शामिल किया गया।
- इनमें लगभग आधी महिलाएं थीं।
मापने की तकनीक
- प्रतिभागियों की धमनियों की उम्र मापने के लिए Carotid-Femoral Pulse Wave Velocity (PWV) टेस्ट किया गया।
- यह टेस्ट गर्दन की कैरोटिड धमनी और पैरों की ऊरु धमनी के बीच ब्लड प्रेशर वेव की गति को मापता है।
- PWV में औसतन 0.5 m/s की वृद्धि मिली, जो लगभग 5 साल की उम्र बढ़ने के बराबर है।
रिस्क में बढ़ोतरी
- शोधकर्ताओं ने बताया कि महिलाओं में PWV बढ़ने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोग का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
- उदाहरण के तौर पर, 60 साल की महिला में हार्ट डिज़ीज़ का खतरा करीब 3% तक बढ़ जाता है।
कोविड नेगेटिव vs पॉजिटिव
- कोविड पॉजिटिव महिलाओं में यह असर साफ देखा गया।
- कोविड-नेगेटिव ग्रुप में धमनियों की उम्र बढ़ने की रफ्तार सामान्य पाई गई।
हृदय रोग का जोखिम लगभग 3% तक बढ़ जाता है
यूनिवर्सिटी पेरिस सिटी, फ्रांस की प्रमुख रिसर्चर रोज़ा मारिया ब्रूनो का कहना है कि महामारी के बाद कोविड-19 से संक्रमित कई लोगों में लक्षण महीनों या सालों तक बने रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि रिसर्च में महिलाओं की ब्लड वेसिल्स की नाड़ी तरंग वेग (Pulse Wave Velocity) में औसतन 0.5 मीटर प्रति सेकंड की वृद्धि पाई गई, जो लगभग 5 साल की उम्र बढ़ने के बराबर है।
विशेष रूप से, हल्के संक्रमण वाली महिलाओं में यह बढ़ोतरी 0.55 m/s, हॉस्पिटल में एडमिट महिलाओं में 0.60 m/s और गंभीर स्थिति वाली महिलाओं में 1 m/s से अधिक पाई गई। इसके कारण 60 वर्षीय महिलाओं में हृदय रोग का जोखिम लगभग 3% तक बढ़ जाता है।
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