Heart Attack: सिर्फ एक जिले में हार्ट अटैक से 22 दिन में 40 की मौत, प्रशासन के हाथ-पांव फूले
Hearth Attack: कर्नाटक के हासन जिले में पिछले एक महीने में अचानक हार्ट अटैक से मौत के 22 मामले सामने आए हैं, जिनमें से कई 50 साल से कम उम्र के लोगों में हुए हैं। अधिकारियों ने जिले और राज्य स्तर पर इसकी जांच शुरू कर दी है। हासन जिले में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में अचानक बढ़ोतरी के कारण स्थानीय प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। हाल ही में हुई अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की मौत भी हार्ट अटैक से ही हुई थी जिसके कारण कम उम्र में इस तरह से मौत होने पर बहस छिड़ गई थी।
40 दिन में 22 की मौत
सिर्फ 40 दिनों में, 22 लोगों की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों में गंभीर चिंता है। सोमवार को ही हार्ट अटैक से संबंधित चार और मौतें दर्ज की गईं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ गई। पीड़ितों में 50 साल की एक महिला, एक सरकारी कॉलेज के प्रोफेसर और एक क्लास डी कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृतकों में से पांच की उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच थी, और आठ की उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच थी। केवल कुछ ही 60 वर्ष से ऊपर के थे।

जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद डिप्टी कमिश्नर के.एस. लताकुमारी ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई और घोषणा की कि NCD टीम के एक्सपर्ट्स द्वारा एक विशेष जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, "हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या के पीछे के कारणों को समझने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।" जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मौतों में कई कारण हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
अचानक मौतों से जनता में चिंता
हार्ट अटैक के कारण हृदय अस्पतालों में मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आया है, खासकर बेंगलुरु के जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च (JICSR) में। डॉक्टरों ने पिछले दो हफ्तों में आउट पेशेंट की संख्या में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जिसमें कई मरीज एहतियाती जांच के लिए हासन और आसपास के जिलों से आ रहे थे।
2 साल में 507 की हार्ट अटैक से मौत
जिला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, हासन में पिछले दो वर्षों में हार्ट अटैक के 507 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 190 घातक थे। हालांकि हार्ट संबंधी बीमारियां लंबे समय से इस इलाके में चिंता का विषय रहा है, लेकिन युवा और अधेड़ वर्ग के पीड़ितों की हालिया बढ़ोतरी ने व्यापक सार्वजनिक चिंता को जन्म दिया है। हाल ही में हुई मौतों में अर्सिकेरे के नवीन कुमार (31), रंगोल्लीहल्ली के चेतन (38), होन्नेनाहल्ली के योगेश एम. (30), और होले नरसीपुरा की कॉलेज छात्रा संध्या (20) शामिल हैं। पहले के मामलों में अराकलागुडु के 19 वर्षीय अभिषेक और केलावत्ती की 20 वर्षीय कवाना शामिल हैं।
कोरोना वैक्सीन है कारण- सिद्दारमैया
सूबे की मुखिया सिद्दारमैया ने कोरोना काल के दौरान भारत सरकार की तरफ से लगवाई गई कोरोना वैक्सीन को जिम्मेदार बताया है। सिद्दारमैया ने ट्विटर पर पोस्ट कर कहा कि हम भी उन बच्चों, युवाओं और मासूम लोगों की जान को महत्व देते हैं, जिनके सामने अभी पूरा जीवन है और हम उनके परिवारों की चिंताओं को समझते हैं। मैं भाजपा नेताओं के उन कृत्यों की निंदा करता हूँ, जो ऐसे मामलों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और जनता को वितरित करना भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है, क्योंकि हाल ही में दुनिया भर में कई अध्ययनों ने संकेत दिया है कि कोविड वैक्सीन दिल के दौरे की बढ़ती संख्या का एक कारण हो सकती है। भाजपा इस मामले पर हमारी आलोचना करने से पहले अपनी अंतरात्मा से पूछ ले।
कोविड या वैक्सीन लिंक की आशंका में राज्यव्यापी जांच
राज्य सरकार ने पोस्ट-कोविड परेशायनियों और वैक्सीन से संबंधित मुद्दों से संभावित लिंक के बारे में चिंताओं के बीच कर्नाटक में अचानक हृदय संबंधी मौतों में बढ़ोतरी की व्यापक जांच भी शुरू की है। सीनियर हार्ट एक्सपर्ट और बेंगलुरु ग्रामीण सांसद डॉ. सी.एन. मंजुनाथ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इसमें निमहंस, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज, सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज, बीएमसीआरआई, मणिपाल अस्पताल और आईसीएमआर-एनसीडीआईआर के विशेषज्ञ शामिल हैं।
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