Navratri Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना, सूर्य ग्रह की चाल से बदलेगी इन राशियों की किस्मत
Navratri Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है। माता कूष्मांडा को सृष्टि की आदिकर्ता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इनकी मुस्कान से ही ब्रह्मांड की रचना हुई। ज्योतिष और सनातन परंपरा में इस दिन की विशेष महत्ता है।
ऐसी मान्यता है कि मां कूष्मांडा का सीधा संबंध सूर्य ग्रह से है। माता कूष्मांडा की आराधना के साथ सूर्य ग्रह की चाल का असर भी पड़ता है। इस दिन देवी की सच्चे मन से पूजा की जाए, तो सूर्य भगवान भी आशीर्वाद देते हैं।

सूर्य ग्रह की चाल से बदलेगी राशियों की दिशा
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह के मजबूत होने को बहुत शुभ माना जाता है। इससे आत्मबल, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। कुंडली में सूर्य अशुभ या कमजोर स्थिति में आत्मविश्वास की कमी, करियर में बाधाएं और सरकारी कामों में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा से सूर्य की नकारात्मकता दूर होती है। इससे व्यक्ति को ऊर्जा, प्रतिष्ठा और सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
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इन राशियों को मिलेगा लाभ
ज्योतिषियों का मानना है कि इस नवरात्रि के चौथे दिन सूर्य की चाल से सिंह, मेष, धनु और मकर राशि वालों को खास फायदा होगा।
सिंह राशि: कार्यक्षेत्र में सम्मान और पदोन्नति के योग।
मेष राशि: आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए अवसर मिलेंगे।
धनु राशि: अटके हुए सरकारी काम पूरे होंगे।
मकर राशि: स्वास्थ्य में सुधार और आर्थिक लाभ की संभावना।
Devi Kushmanda की यूं करें आराधना
माता कूष्मांडा को लाल और नारंगी रंग बहुत पसंद है। इस दिन देवी को लाल या नारंगी रंग के फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। साथ ही, सूर्य की कृपा पाने के लिए भक्तों को गुड़ और गेहूं का दान करना चाहिए। साथ ही, "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः" मंत्र का जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी होता है।
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Devi Kushmanda की कृपा से मिलते हैं ये लाभ
⦁ मां कूष्मांडा की कृपा से स्वास्थ्य अच्छा होता है, कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलता है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। सनातन परंपरा की मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से देवी कूष्मांडा और सूर्य देव की आराधना करने से सूर्य दोष (जैसे पितृ दोष, आत्मबल की कमी, या सरकारी क्षेत्र की रुकावटें) दूर होती हैं।
नोट: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक विश्वास पर आधारित है। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार से अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। किसी भी तरह के उपाय करने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य करें।












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