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Moonga: असली मूंगा न मिले तो धारण करें ये दो प्रामाणिक उपरत्न

मूंगे के दो ही प्रमुख और प्रामाणिक उपरत्न हैं प्रवालमूल और राताश्म। यदि आप असली मूंगा नहीं खरीद पा रहे हैं तो इन्हीं दो उपरत्नों में से किसी का चयन करें।

Coral(Moonga): मंगल दोष के निवारण के लिए या जन्मकुंडली में मंगल की खराब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, मंगल को मजबूत बनाने के लिए प्राय: ज्योतिषी मूंगा धारण करने का सुझाव देते हैं। लेकिन आजकल एक तो असली मूंगा मिलना मुश्किल है और अगर मिल जाए तो उसकी कीमत बहुत अधिक होती है। साधारण आय वाले इंसान के लिए असली मूंगा खरीदना कठिन होता है। इसलिए कभी-कभी मूंगा का उपरत्न धारण करने की सलाह भी दी जाती है।

Moonga:

विद्वान लोग वैसे तो मूंगे के अनेक उपरत्न बताते हैं लेकिन विशेष रूप से दो ही प्रमुख और प्रामाणिक उपरत्न हैं प्रवालमूल और राताश्म। यदि आप असली मूंगा नहीं खरीद पा रहे हैं तो इन्हीं दो उपरत्नों में से किसी का चयन करें।

आइए जानते हैं दोनों उपरत्नों के विषय में विस्तार से-

प्रवालमूल

मूंगे का प्रमुख उपरत्न प्रवालमूल है। सजातीय तथा रंग की समानता होने के कारण इसे राता नामक पाषाण प्रवाल का उपरत्न कहा गया है। यह गोल, लंबा, सुराखदार तथा लाल वर्ण का होता है। भीतर से सफेदयुक्त, खुरदरा, वजन में हल्का होता है। समुद्र के भीतर सूक्ष्म कीड़ों द्वारा इसका निर्माण किया जाता है। तिब्बत में सुहागिन महिलाएं इसकी माला बनाकर धारण करती है। प्रवालमूल शीतवीर्य, लघु विषनाशक, दीपन बलदायक, रक्त स्तंभक अर्थात् खून रोकने वाला, खूनी बवासीर, रक्तपित्त और आंतों के घावों में उपयोग करने योग्य है। आंखों की सफेदी, आंखों की खुजली और पक्षाघात के रोग में लाभकारी है।

राताश्मक

राताश्मक मूंगे के समान लाल वर्ण का, गेरुए सोने के रंग जैसे रंग का या कभी-कभी अत्यधिक लाल होता है। यह देखने में कोमल, चिकना, कठोर और आग में डालने पर जस का तस रहता है। राता हिमालय, नेपाल, मप्र, गोदारी के तट पर, राजस्थान में माउंट आबू, नर्मदा तथा ताप्ती नदियों के समीप या तटवर्ती भागों में मिलता है। राताश्मक भी मूंगे की तरह मंगल दोष दूर करता है। मंगलवार, रविवार, शनिवार के दिन शुद्ध करके पूजन करके ब्रेसलेट के रूप में मणिबंध पर या माला के रूप में, पेंडेंट के रूप में गले में धारण करना चाहिए। इसका औषधीय गुण यह है कियह रात के समय आने वाले ज्वर को नष्ट करता है। संभवत: इसी कारण इसकार नाम राताश्मक रखा गया है।

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