Bengaluru second Airport: आखिर बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट कहां बनेगा? तीन लोकेशन पर टिकी सबकी नजरें
Bengaluru second airport: बेंगलुरु की रफ्तार अब आसमान छू रही है और इसी के साथ हवाई यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। आईटी हब के तौर पर लगातार विस्तार कर रहे बेंगलुरु में अब दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस हो रही है। इसी दिशा में कर्नाटक सरकार ने बहुप्रतीक्षित दूसरे एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए अहम कदम उठाए हैं।
उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल के मुताबिक, यह नया एयरपोर्ट मौजूदा केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर बढ़ते दबाव को कम करेगा, जो 2030 तक अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंच सकता है। यात्रियों और फ्लाइट्स की लगातार बढ़ती संख्या के चलते केवल विस्तार से समस्या का समाधान संभव नहीं माना जा रहा।

नया एयरपोर्ट भीड़ करेगा कम
अभी का एयरपोर्ट देवनाहल्ली में शहर से करीब 40 किमी दूर है, जिससे खासकर दक्षिण और पश्चिम बेंगलुरु के लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में नया एयरपोर्ट न सिर्फ भीड़ कम करेगा, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों की कनेक्टिविटी भी बेहतर बनाएगा।

तीन लोकेशन पर टिकी सबकी नजरें
सरकार और Airports Authority of India (AAI) की प्री-फीजिबिलिटी स्टडी के आधार पर तीन साइट शॉर्टलिस्ट की गई हैं!
1- चूडाहल्ली (Kanakapura Road - South Bengaluru)
- दक्षिण बेंगलुरु में स्थित
- शहर के आईटी कॉरिडोर के करीब
- बड़ी जमीन उपलब्ध होने की वजह से मजबूत दावेदार
- मौजूदा एयरपोर्ट (Devanahalli) के विपरीत दिशा में, जिससे ट्रैफिक संतुलन संभव
यह साइट सरकार के कुछ वरिष्ठ नेताओं की पसंद भी बताई जा रही है।
2- सोमनहल्ली (Kanakapura Road बेल्ट)
- चूडाहल्ली के पास ही दूसरा विकल्प
- लगभग 4,500-5,000 एकड़ जमीन चिन्हित
- मेट्रो और दक्षिणी उपनगरों से कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना
- दोनों Kanakapura Road साइट्स को "South Bengaluru Airport" कॉन्सेप्ट माना जा रहा है।
3-नेलमंगला - कुनिगल रोड (Tumakuru Corridor)
- पश्चिम/उत्तर-पश्चिम दिशा में लोकेशन
- इंडस्ट्रियल और हाईवे कनेक्टिविटी मजबूत
- शहर के दूसरे हिस्सों को एयर कनेक्टिविटी देने का विकल्प
- AAI टीम इस साइट का भी निरीक्षण कर चुकी है।
AAI कर रही निरीक्षण
भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (AAI) ने इन जगहों का निरीक्षण कर लिया है। भूमि, भूभाग, कनेक्टिविटी और संचालन उपयुक्तता का मूल्यांकन किया है। AAI ने हालांकि कुछ तकनीकी चुनौतियां जैसे पहाड़ी इलाका और मौसम संबंधी बाधाएं सामने आई हैं।
सरकार नियुक्त करेगी सलाहकार
सरकार अब प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता और विस्तृत योजना (DPR) तैयार करने के लिए सलाहकार नियुक्त करने जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम लोकेशन और डिजाइन तय होगा। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद निर्माण शुरू होगा और लक्ष्य है कि 2033 तक नया एयरपोर्ट चालू हो जाए।
ये तकनीकी व वित्तीय व्यवहार्यता तय करेगा, जबकि DPR डिजाइन, लागत अनुमान, समय-सीमा और बुनियादी ढांचे की योजना का खाका देगा। सलाहकारों को पांच महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
नए एयरपोर्ट से बढ़ेगी कनेक्टविटी
इस नए एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी, कार्गो और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा, जिससे कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा को लगातार मिल रहा अवार्ड
वहीं मौजूदा केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अपनी बेहतरीन सेवाओं के चलते लगातार सुर्खियों में है-इसे 2026 के स्काईट्रैक्स वर्ल्ड एयरपोर्ट अवॉर्ड्स में लगातार तीसरी बार भारत और दक्षिण एशिया का सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय हवाईअड्डा चुना गया है












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