टीडीपी ने आंध्र सरकार पर लगाया चिक्की टेंडरों में घोटाले का आरोप, की सीबीआई जांच की मांग
टीडीपी ने मांग की है कि वाईएसआरसी सरकार जगन्ना गोरमुड्डा और पीएम पोषण कार्यक्रम के तहत 200 करोड़ रुपये की चिक्की की आपूर्ति के लिए छह कंपनियों को दिए गए टेंडरों को रद्द करे।
हैदराबाद, 31 जनवरी। टीडीपी ने मांग की है कि वाईएसआरसी सरकार जगन्ना गोरमुड्डा और पीएम पोषण कार्यक्रम के तहत 200 करोड़ रुपये की चिक्की की आपूर्ति के लिए छह कंपनियों को दिए गए टेंडरों को रद्द करे। टीडीपी प्रवक्ता के पट्टाभि राम ने केंद्रीय भंडार और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) जैसे राष्ट्रीय संगठनों को टेंडर के लिए अयोग्य घोषित किये जाने की सीबीआई जांच की मांग की।

रविवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, टीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी बच्चों की चिक्की की आपूर्ति में भी फर्जीवाड़े पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि केंद्रीय भंडार (केंद्र सरकार कर्मचारी उपभोक्ता सहकारी समिति) ने न्याय के लिए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पट्टाभि ने बताया कि केन्द्रीय भंडार राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, संसद और राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों और संगठनों को चिक्की की आपूर्ति करता रहा है।
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ऐसी प्रतिष्ठित सहकारी समिति को तकनीकी मूल्यांकन चरण में ही अयोग्य घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसी की चहेती कंपनियों को टेंडर देने के लिए नियम एवं शर्तों में बदलाव किया गया। पट्टाभि ने कहा कि छह पैकेजों का वास्तविक टेंडर मूल्य सिर्फ 130 करोड़ रुपये था, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 190 करोड़ रुपये कर दिया।












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