गोपीनाथ मुंडे को याद कर रो पड़ी पंकजा मुंडे, पिता की पुण्यतिथि पर किया बड़ा ऐलान, अब सबको नवरात्रि का इंतजार
स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे की पुण्यतिथि के अवसर पर भजन और कीर्तन सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस मौके पर बेटी पंकजा मुंडे अपने पिता को समर्पित भारुड़ गाते हुए भावुक हो गईं और उन्होंने गोपीनाथ गढ़ में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ऐसा बड़ा ऐलान किया है जिसके बाद सबकी नजरें आने वाली नवरात्रि पर टिक गईं हैं।
नम आंखों से पंकजा मुंडे ने किया बड़ा ऐलान
पंकजा मुंडे ने बताया कि आगामी नवरात्रि में वह एक "बड़ा संकल्प" लेंगी। यह संकल्प "टूटी कड़ियों को जोड़ने वाला" होगा, न कि राजनीतिक। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संकल्प "सारे टूटे संबंधों को जोड़ने" पर केंद्रित होगा, "राजनीतिक रोटी सेंकने" के लिए नहीं। पंकजा ने बताया कि वह आगामी नवरात्रि के अवसर पर इसकी विस्तृत जानकारी देंगी।

पंकजा बोलीं- हमारा आपका रिश्ता खून से भी बढ़कर है
भावुक पंकजा मुंडे ने उपस्थित जनसमूह से कहा कि उनके प्रेम से बढ़कर कोई संपत्ति नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि गोपीनाथ मुंडे ने जाति और धर्म की दीवारें तोड़ी थीं, और "हमारा आपका रिश्ता खून से भी बढ़कर है।" मुंडे साहेब पर आपके प्रेम ने मुझे कर्जदार बना दिया है, और आपका प्रेम ही मुझे "जूते उठाने की क्षमता" देता है। "आपसे बड़ी कोई संपत्ति नहीं," उन्होंने वैद्यनाथ और मुंडे साहेब की शपथ लेते हुए कहा।
पंकजा मुंडे के "बड़ा संकल्प" के क्या है मायने?
पंकजा मुंडे के "टूटी कड़ियों को जोड़ने" वाले संकल्प को राजनीतिक हलकों में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह पहल न केवल समर्थकों और पुराने सहयोगियों के बीच बढ़ी दूरियों को कम करने की कोशिश हो सकती है, बल्कि मुंडे परिवार में समय-समय पर चर्चा में रहे मतभेदों को लेकर भी संकेत दे सकती है। हालांकि पंकजा मुंडे ने किसी व्यक्ति या परिवार के सदस्य का नाम नहीं लिया और अपने संकल्प को गैर-राजनीतिक बताया, लेकिन उनके इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
याद रहे पिछले कुछ वर्षों में मुंडे परिवार के कुछ सदस्यों के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत मतभेद चर्चा का विषय रहे हैं। विशेष रूप से पंकजा मुंडे और उनके भाई धनंजय मुंडे अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहे हैं, जिससे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक रिश्तों को लेकर अक्सर अटकलें लगती रही हैं।
गोपीनाथ मुंडे के गढ़ में PM को किया आमंत्रित
पंकजा मुंडे ने गोपीनाथ गढ़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की भी इच्छा व्यक्त की। उन्होंने जिक्र किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां आ चुके हैं, लेकिन इस गढ़ पर प्रधानमंत्री मोदी का आना अभी बाकी है। पंकजा ने अपनी हार्दिक इच्छा जताई कि मोदी जी कम से कम एक बार तो इस ऐतिहासिक स्थल पर अवश्य आएं।
पंकजा मुंडे 12 दिसंबर को करेंगी ये अनूठी पहल
अपनी भविष्य की योजनाओं में, पंकजा मुंडे ने 12 दिसंबर को एक अनूठी पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वह सुबह 5 बजे उठकर, कार्यक्रम से पहले गन्ना मजदूरों के साथ खेत में गन्ना काटेंगी और स्वयं ट्रैक्टर भी चलाएंगी।
राज्य के पर्यावरण मंत्रालय का प्रभार संभालते हुए उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण हेतु एक-एक पौधा लगाने की अपील की, कहा "आपके घर में जन्मदिन हो या कोई दुख, एक पेड़ लगाएं।" किसानों के मुद्दों पर दिवंगत पिता के संघर्षों को याद करते हुए, मुंडे ने कर्जमाफी का भी जिक्र किया और संकल्प लिया कि वह अब रासायनिक मुक्त खेती करेंगी।













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