PM Surya Ghar: देश में सबसे आगे निकला उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने बनाया नेशनल रिकॉर्ड!
PM Surya Ghar: देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के मामले में उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की ग्रोथ में देश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। मई महीने में ही यहां 64,742 नए सोलर इंस्टॉलेशन हुए, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। यह दिखाता है कि यूपी में लोग तेजी से सोलर एनर्जी को अपना रहे हैं और बिजली के लिए नए और साफ विकल्प की तरफ बढ़ रहे हैं।
हालांकि कुल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश अभी भी देश के कुछ बड़े राज्यों से पीछे है, लेकिन नई इंस्टॉलेशन ग्रोथ में यह लगातार सबसे बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसका मतलब है कि भले ही कुल संख्या में अंतर मौजूद हो, लेकिन हाल के महीनों में यूपी की रफ्तार बाकी राज्यों से ज्यादा तेज़ रही है।

ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, गुजरात और महाराष्ट्र अभी भी कुल इंस्टॉलेशन में आगे हैं-
- गुजरात: 6,81,420 इंस्टॉलेशन
- महाराष्ट्र: 6,05,864 इंस्टॉलेशन
- उत्तर प्रदेश: 5,64,857 इंस्टॉलेशन
इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि यूपी और इन अग्रणी राज्यों के बीच अभी अंतर है, लेकिन यह अंतर पहले की तुलना में तेजी से कम हो रहा है।
लखनऊ बना रूफटॉप सोलर का सबसे बड़ा केंद्र
राजधानी लखनऊ सोलर एनर्जी अपनाने के मामले में राज्य का सबसे आगे रहने वाला बन गया है। यहां अब तक 1,02,603 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं।
मई महीने के आंकड़े
- नए इंस्टॉलेशन: 9,667
- 31 मई को एक दिन में: 333 इंस्टॉलेशन
इन आंकड़ों के साथ लखनऊ ने सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है।
पीएम सूर्य घर योजना से मिला बड़ा बूस्ट
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 9.91 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। इनमें से 5.57 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे करीब 1,888 मेगावाट सोलर क्षमता जुड़ गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक,लाभार्थियों को अब तक लगभग ₹3,600 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी और ₹1,200 करोड़ की राज्य सब्सिडी दी जा चुकी है।
जिलों में सोलर विकास में अंतर
उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर अपनाने की रफ्तार सभी जिलों में एक जैसी नहीं है। कुछ जिले बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी पीछे हैं। लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, बरेली, आगरा और प्रयागराज जैसे शहरों में सोलर इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि यहां लोगों में जागरूकता ज्यादा है, बिजली की खपत अधिक है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल रहा है। साथ ही, इन जिलों में तकनीकी सुविधा और इंस्टॉलेशन नेटवर्क भी मजबूत है। वहीं दूसरी तरफ श्रावस्ती, महोबा और कुछ अन्य जिलों में सोलर अपनाने की रफ्तार धीमी है। इसका कारण कम जागरूकता, सीमित संसाधन, और ग्रामीण इलाकों में तकनीकी पहुंच की कमी माना जा रहा है।














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