'राजस्थान सरकार ₹500 में गैस सिलेंडर दे सकती है, तो केंद्र क्यों नहीं', बोले सीएम गहलोत
सीएम गहलोत ने बताया कि उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन 50 साल पहले शुरू किया था। राजनीत की शुरुआद NSUI से हुई। जब इस छात्र संगठन के अध्यक्ष बने।
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने शनिवार को कहा कि अब उनके लिए पद मायने नहीं रखता। वो अपने सालों के अनुभव से लोगों की मदद करना जारी रखेंगे। मैं चाहता हूं कि मेरे जीवन का हर पल मेरे राज्य की सेवा करते हुए व्यतीत हो।
सीएम गहलोत ने कहा, "जब मैंने 1998 में पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभाला था, तब बीजेपी के भैरों सिंह शेखावत सीएम थे। उन्होंने 32 सीटें जीतीं, जबकि हमें 156 सीटें मिलीं।" मुख्यमंत्री ने कहा, "जब मैंने 1998 में पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभाला था, तब बीजेपी के भैरों सिंह शेखावत सीएम थे। उन्होंने 32 सीटें जीतीं, जबकि हमें 156 सीटें मिलीं।"

गहलोत ने आगे कहा, "सोनिया गांधी ने मुझे मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया। तब से अब तक तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने मुझ पर विश्वास किया। दो बार चुनाव हारने के बाद भी हमने काम करने की इच्छाशक्ति नहीं खोई। हारने के बावजूद, मेरे पास जो भी पद था, मैंने काम करना जारी रखा। जब हम 2013 में हार गए, तो पिछली बार आपने हमें फिर आशीर्वाद दिया।"
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। गहलोत ने कहा, "भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हमारी योजनाओं को लेकर चिंतित हो गई है, न तो पुरानी पेंशन पर निर्णय ले पा रही न ही 25 लाख रुपये का बीमा दे पा रही है। हमने उज्ज्वला योजना के तहत 500 रुपये में गैस सिलेंडर देना शुरू किया। केंद्र सरकार ने सिलेंडर की कीमत 200 रुपये कम कर दी।"
गहलोत ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि अगर राज्य सरकार 500 रुपये में गैस सिलेंडर दे सकती है, तो केंद्र सरकार क्यों नहीं? जब आपने उज्ज्वला योजना शुरू की थी, तब सिलेंडर की कीमत 400 रुपये थी और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर इसे 1150 रुपये कर दिया। केंद्र को आगे आना चाहिए और देश भर के गरीबों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना चाहिए।












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