पंजाब: मान सरकार स्वयं-रोजगार के लिए कम ब्याज पर देगी कर्ज, मंत्री बलजीत कौर ने दी जानकारी
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया की पंजाब राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब लोगों को स्वयंरोजगार स्कीमों के अधीन कर्ज देने के लिए सरकार की तरफ से एनएमडीएफसी से टर्म लोन लेने सबंधी राशि जारी की है।

चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न स्वै-रोजगार स्कीमों के अधीन सस्ते ब्याज की दरों पर कर्जे देने के लिए साल 2022-23 के लिए एक करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी गई है।
इस सबंधी जानकारी देते सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया की पंजाब राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब लोगों को स्वै-रोजगार स्कीमों के अधीन कर्ज देने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से एनएमडीएफसी से टर्म लोन (मियादी कर्ज) लेने सबंधी अपने हिस्से के तौर पर एक करोड़ रुपए की राशि जारी की है।
राष्ट्रीय कारपोरेशन एन.एम.डी.एफ.सी. द्वारा इस स्कीम के अधीन 18 करोड़ रुपए की राशि मिला कर पंजाब राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के व्यक्तियों को 19 करोड़ रुपए के कर्जे बांटे जाएँगे। निगम की तरफ से योग्य व्यक्तियों को कर्जे बांटने संबंधी जानकारी देने के लिए जिला स्तर पर अवेयरनैस कैंप भी लगाए जाएँगे। योग्य व्यक्ति इस स्कीम का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करके स्वै-रोजगार के धंधे शुरू कर सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस स्कीम के अधीन पिछले 5 सालों में साल 2020-21 के दौरान एक करोड़ रुपए की राशि जारी की गई थी। इस स्कीम के अधीन पंजाब राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग (सिख, क्रिश्चन, मुसलमान, पारसी, बुद्ध धर्म का अनुयायी और जैनी) का जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए स्वै-रोजगार स्कीम के अधीन पांच लाख रुपए के कर्जे 6-8 प्रतिशत सालाना ब्याज की दर पर दिए जाएँगे। इसके इलावा पंजाब राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रोफेशनल और टैक्नीकल ऐजूकेशन ग्रैजुएट और इससे आगे पढ़ाई करने के लिए एजुकेशन लोन स्कीम के अंतर्गत 3 प्रतिशत सालाना ब्याज की दर पर कर्ज दिया जाता है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 55 साल तक के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही आवेदक भारत सरकार की तरफ से घोषित अल्पसंख्यक वर्ग के साथ सम्बन्ध रखता होना चाहिए। कर्ज लेने के इच्छुक आवेदक की सालाना पारिवारिक आमदन ग्रामीण इलाकों में 98,000/- रुपए और शहरी इलाकों में 1,20,000/- रुपए तक होनी चाहिए।
मंत्री ने आगे बताया कि यह कर्ज डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्मिंग, सब्जियां उगाने, शहद की मक्खियां पालन, कारपैंटरी, फर्नीचर, लुहार का काम, आटा चक्की, कोहलू, ऑटो रिक्शा (पैसंजर, ढुलायी), जनरल स्टोर ( किराना, केटल फीड, पोल्ट्री फीड), हार्डवेयर स्टोर (मैनटरी और बिल्डिंग मैटीरियल लोहा) आदि के लिए दिया जाता है।
यह कर्ज कपड़ा, रेडिमेड गारमैंट शॉप, किताबों, स्टेशनरी की दुकान, साइकिल सेल और रिपेयर, फोटोस्टेट मशीन, टेलरिंग, कृषि के यंत्रों के लिए (फेब्रिकेशन), आटो मोबायल रिपेयर, स्पेयर पार्टस शॉप, इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल सेल और रिपेयर, फेब्रिकेशन यूनिट, फोटोग्राफी और वीडीओग्राफी, हौजरी यूनिट, स्माल स्केल इंडस्टरियल यूनिट (कोई भी समान बनाने का कारोबार), स्वीट शॉप, ढाबा, ब्यूटी पार्लर के लिए भी दिया जाता है।












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