झारखंड- कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति
मुख्यमंत्री के मामले में केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा रिपोर्ट राजभवन भेजे जाने की सूचना के बाद से झामुमो और कांग्रेस नेताओं के बीच अपने -अपने दल के विधायकों के साथ बातचीत का दौर शुरू हो गया है. झामुमो आगे की रणनीति बनान
रांची,26 अगस्त: मुख्यमंत्री के मामले में केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा रिपोर्ट राजभवन भेजे जाने की सूचना के बाद से झामुमो और कांग्रेस नेताओं के बीच अपने -अपने दल के विधायकों के साथ बातचीत का दौर शुरू हो गया है. झामुमो आगे की रणनीति बनाने में जुट गया है. इस बीच कांग्रेस ने सभी विधायकों को निर्देश दिया गया है कि जब तक समस्या का निदान नहीं हो जाता, सभी विधायक रांची में ही रहेंगे. गुरुवार देर शाम बिरसा चौक स्थित होटल रासो में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आलमगीर आलम ने सभी विधायकों को यह निर्देश दिया है. चर्चा है कि बैठक में कांग्रेस की अगली रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा हुई.

कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी- आलम
मीडिया से बातचीत में आलमगीर आलम ने कहा, राज्य में माहौल किस तरह का है, यह मीडिया के मार्फत ही सामने आई है. सोशल मीडिया में यह बात सामने आई है. केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा अभी तक कोई नोटिस न मुख्यमंत्री न ही हमें मिला है. ऐसे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी. लेकिन पूरी परिस्थिति को देखते हुए कांग्रेस विधायक दल की बैठक यहां बुलाई गई. बैठक में सभी विधायकों को निर्देश दिया गया है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, वे रांची में ही रहेंगे.
हमारे पास है बहुमत का आंकड़ा
आलमगीर आलम ने बताया कि झारखंड में अभी भी संख्या बल सबसे अधिक गठबंधन के पास (कुल 50 विधायक) है. हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो के पास 30, कांग्रेस के पास 18, आरजेडी के पास 1 और माले के एक विधायक का समर्थन है.
सिक्किम उदाहरण है
उन्होंने कहा, जहां तक निर्वाचन आयोग के फैसले की बात है, तो सिक्किम इसका उदाहरण है, वहां भी मुख्यमंत्री की सदस्यता रद्द हुई थी. लेकिन आप जानते हैं कि बाद में उन्होंने शपथ ली और उनकी टीम पूर्व की भांति काम करती रही.
फर्ज बनता है जनता के वादों को पूरा करें : राजेश ठाकुर
प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी विधायकों की बैठक एक आम बात है. चूंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर जो बात सामने आ रही है. तो मैं बात दूं कि हम गठबंधन के तहत सरकार में हैं. विधानसभा चुनाव के पहले हमने जनता को जो वादा किया है, उसे पूरा करना हमारा फर्ज बनता है. ऐसे में आगे की रणनीति को लेकर हम लोग बैठक कर रहे हैं.
कैश कांड में फंसे तीन विधायक, प्रदीप व ममता को छोड़ सभी रहे उपस्थित
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख, विधायक दीपिका पाण्डेय सिंह, कुमार जयमंगल, शिल्पी नेहा तिर्की, भूषण बाड़ा, पूर्णिमा नीरज सिंह, अम्बा प्रसाद, रामचंद्र सिंह, सोनू राम सिंकू, उमा शंकर अकेला शामिल थे. विधायक ममता देवी जो पिछले दिनों ही मां बनी है, उनके तरफ से उनके पति प्रतिनिधि के तौर पर बैठक में शामिल थे. वहीं पार्टी के तीन विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगाड़ी कैश कांड मामले में अभी भी बंगाल में हैं. प्रदीप यादव तबीयत खराब होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाए हैं.
घटक दल बातचीत कर बनाएंगे रणनीति : अविनाश पांडे
इससे पहले झाऱखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर प्रदेश के मीडिया में तरह-तरह की बातें सामने आयी है. केंद्रीय निर्वाचन आयोग इस बारे में जो भी फैसला देगा, उसका हम स्वागत करेंगे. हालांकि, यह बात किसी से छिपी नहीं है कि जिस दिन से प्रदेश में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार बनी है, उस दिन से भाजपा सरकार को कमजोर और डिस्टर्ब करने का सतत प्रयास कर रही हैं. इसके लिए भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने कहा, निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद गठबंधन के सभी घटक दल बातचीत कर आगे की रणनीति बनाएंगे. झामुमो-कांग्रेस-आरजेडी एकजुट हैं. जनता के साथ किए जिन वादों को लेकर हम सत्ता में आए हैं, उसे हम जरूर पूरा करेंगे.












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