विधानसभा में गुस्साई नैना चौटाला बोलीं - 'शर्म आती है अपनी सरकार में भी काम नहीं होते'

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की माता एवं दादरी जिले के बाढ़डा विधानसभा क्षेत्र से जेजेपी की विधायक नैना चौटाला विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन सदन में खूब गुस्से में नजर आईं। उन्हें गुस्सा इस बात पर आया कि गांव हंसावास और हंसावास कलां के स्कूल में हेड मास्टर और मास्टर तक नहीं है, लेकिन शिक्षा मंत्री कंरवपाल गुर्जर ने सदन में दिए अपने जवाब में यहां सरपल्स स्टाफ बताया है। स्वाभाविक रूप से यह जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ही मंत्री कंवरपाल गुर्जर को उपलब्ध कराई, जो उन्होंने विधानसभा के पटल पर दी।
प्रशासनिक अधिकारियों व मंत्री द्वारा सदन में दी गई गलत जानकारी पर नैना चौटाला ने यहां तक कह दिया कि उन्हें शर्म आती है कि अपनी स्वयं की सरकार में हमारे काम नहीं होते। नैना चौटाला के यह बात कहने पर सत्ता पक्ष के विधायकों में सन्नाटा छा गया और विपक्ष के विधायक मुस्कुराने लगे। सदन में बैठे उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सामने भी अजीब स्थिति हो गई।
हालांकि उन्होंने अपनी विधायक मां की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए स्पीकर डा. ज्ञानचंद गुप्ता ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से कहा कि गलत आंकड़े देने वाले अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। दादरी जिले के बाढ़डा के स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा विधानसभा में काफी देर तक गरमाया रहा।
जेजेपी विधायक नैना चौटाला ने शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की सदन में घेराबंदी की। गांवों में स्थित स्कूलों और वहां कार्यरत स्टाफ के आंकड़ों के साथ नैना चौटाला पूरी तैयारी के साथ सदन में पहुंची थी। पेंच उस समय फंस गया, जब दादरी हलके के हंसावास और हंसावास कलां गांवों में मंत्री ने शिक्षकों की कमी नहींं होने की बात कही। नैना चौटाला ने कहा कि हंसावास कलां गांव के स्कूल में हेड मास्टर तो है, लेकिन एक भी मास्टर नहीं है। इस पर शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों द्वारा दी रिपोर्ट के आधार पर कहा कि हंसावास में तो सरप्लस स्टाफ है। इस दौरान शिक्षा मंत्री राज्य के अन्य स्कूलों में स्टाफ की जानकारी देने लगे। इस पर स्पीकर ने कहा कि मंत्री जी, सवाल हंसावास कलां गांव का पूछा जा रहा है, उसक जवाब दो। आखिर में मंत्री को मानना पड़ा कि गलत आंकड़े दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर के निर्देश पर शिक्षा विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इन चारों अधिकारियों पर शिक्षा मंत्री को गलत आंकड़े उपलब्ध कराने का आरोप है, जो शिक्षा मंत्री ने विधानसभा के पटल पर रखे थे। इन गलत आंकड़ों की वजह से शिक्षा मंत्री को विधानसभा में काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। निलंबित किए गए अधिकारियों में सहायक निदेशक, सहायक, ब्रांच सहायक और डिप्टी सुपरिटेंडेंट शामिल हैं। सहायक निदेशक व सहायक को रूल सात के तहत निलंबित करने के बाद चार्जशीट भी किया गया है। जेजेपी विधायक नैना चौटाला ने गलत जानकारी देने के मुद्दे पर सदन में ही शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की घेराबंदी की थी। इस पर विधानसभा स्पीकर डा. ज्ञानचंद गुप्ता ने भी गलत आंकड़े देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।












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