हरियाणा: युवाओं से सीएम खट्टर ने किया संवाद, कहा- नौकरियों का मिश मैरिट में बदला
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए नए अवसर प्रदान करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस वर्ष भी 200 रोजगार मेलों के माध्यम से रोजगार देने व चाहने वालों के लिए सांझा मंच उपलब्ध करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत दिल्ली से ऑडियो कांफ्रैंस के माध्यम से रोजगार मेलों में रोजगार पाने वाले युवाओं से सीधा संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनवरी 2019 से अब तक राज्य में 1450 रोजगार मेले आयोजित कर 31217 युवाओं को रोजगार सहायता प्रदान की गई हैं।

इन मेलों में पूर्ण पारदॢशता के आधार पर रोजगार के लिए नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। यह नियुक्ति पत्र जीवन में आगे बढऩे की सीढ़ी और उनकी योग्यता का प्रमाण भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वावलंबन एवं स्वाभिमान युवाओं के उत्थान व कल्याण के 2 महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ हैं।
सरकार ने युवाओं के स्वाभिमान की रक्षा के लिए नौकरियों को मिशन मैरिट में बदला है और योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-पर्ची के सरकारी नौकरियां देकर युवाओं का मनोबल बढ़ाया हैं। अब तक 1 लाख 14 हजार सरकारी नौकरियां दी गई हैं तथा 56 हजार और नौकरियां प्रदान की जाएंगी।
इसके अलावा 2 लाख युवाओं को रोजगार देने के लिए अनेक कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक निजी उद्योगों में भी 19 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 24 लाख 43 हजार युवाओं को स्वरोजगार खड़ा करने के लिए सहायता देने का कार्य किया गया है।
इस प्रकार निजी क्षेत्र में भी रोजगार तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों युवाओं को लाभ पहुंचाया है और इसे आगे भी पहुंचाया जाएगा। युवाओं को बार बार आवेदन एवं फीस से निजात दिलाने के लिए एकल पंजीकरण सुविधा तथा प्रतियोगी परीक्षा के लिए कॉमन पात्रता परीक्षा का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है उन परिवारों के युवाओं को कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कच्चे कर्मचारियों की भर्ती में 5 अतिरिक्त अंक की प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में नौकरियां सीमित हैं। ऐसे में शत-प्रतिशत युवाओं को नौकरी देना संभव नहीं है।
इसलिए सरकार ने बीड़ा उठाया है कि युवाओं को कौशल विकास व गुणवत्तापरक शिक्षा देकर इतना सशक्त बनाया जाए कि वे नौकरी मांगने वाले की बजाय नौकरी देने वाले बनें।












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