किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा- नवीन पटनायक
ओडिशा सरकरा ने राज्य में फसलों की कटाई के अवसर पर किसानों द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार ‘नुआखाई’ के मौके पर राज्य के किसानो को सौगात दी है. राज्य के किसानों को सरकार द्वाका संचालित कालिया योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रद
भुवनेश्वर, 2 सितंबर:ओडिशा सरकरा ने राज्य में फसलों की कटाई के अवसर पर किसानों द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार 'नुआखाई' के मौके पर राज्य के किसानो को सौगात दी है. राज्य के किसानों को सरकार द्वाका संचालित कालिया योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए 41 लाख छोटे और सीमांत किसानों समेत 85,000 भूमिहीन किसानों के लिए 869 करोड़ रुपए कि राशि वितरित की गई है. कालिया योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में 2000 रुपए ट्रांसफर किए गए. त्योहार के मौके पर पैसे मिलने के किसान काफी खुश हैं.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों को संबोधित करते हुए प्देश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि कालिया योजना देश की सबसे अच्छी योजना है. इसने छोटे और सीमांत किसानों में आशा और विश्वास पैदा किया है, यह भूमिहीन किसानों की आजीविका की रक्षा करने में भी मदद कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मई में अक्षय तृतीया पर भी हमारे किसान भाइयों को 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई थी. मुझे उम्मीद है कि यह सहायता उन्हें अपने कृषि कर्तव्यों को पूरा करने में सक्षम बनाएगी.
किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा
इसके अलावा राज्य में बाढ़ के कारण किसानों को हुए फसल नुकसान को लेकर भी आश्वसत किया कि किसानों को पूरी सहायता मिलेगी. उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उ्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द में हुए फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है. ताकि किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जा सके.उन्होंने कहा कि हमारे किसानों ने ओडिशा को गौरवान्वित किया है. उन्होंने खाद्य सुरक्षा में राज्य को प्रसिद्धि दिलाई है. इसलिए राज्य के सभी लोग किसानों के ऋणी हैं.
एमएसपी पर धान बेचना चाहते हैं किसान
वहीं इस बार ओडिशा के कोरापुट जिले के किसानों ने पिछले बार कि तुलना में अधिक संख्या में खरीफ धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. कोरापुट नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा आंकड़ों के मुताबिक जिले के 18 प्रखंडों से इस बार रिकॉर्ड संख्या में किसानों ने खरीफ धान बेचने के लिए आवेदन जमा किया है. यहां के किसान कल्याण मंच के सचिव बताते हैं कि किसान अब जागरूक हो गए हैं. वो अपने धान एमएसपी पर बेचना चाहते हैं.
अधिक संख्या में पंजीकरण करा रहे किसान
कोरापुट नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा आंकड़ों के मुताबिक जिले के 18 प्रखंडों से इस बार रिकॉर्ड संख्या में किसानों ने खरीफ धान बेचने के लिए आवेदन जमा किया है. न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पिछले खरीफ सीजन में जहां 38.703 किसानों ने खरीफ धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. वहीं इस बार 44.149 किसानों ने पंजीकरण कराने के लिए दस्तावेज जमा किेए हैं.
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