इस मुस्लिम एक्ट्रेस ने बर्बाद कर दी थी Guru Dutt की जिंदगी, अकेलेपन ने की ऐसी हालत, 39 में हुई रहस्यमयी मौत

Guru Dutt: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनकी चमक वक्त के साथ और बढ़ती जाती है। गुरु दत्त उन्हीं चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं। उन्होंने न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई थी बल्कि निर्देशक और निर्माता के तौर पर भी भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी थीं। आज उनकी 101वीं जयंती पर पूरा फिल्म जगत उन्हें श्रद्धा के साथ याद कर रहा है।

कम उम्र में ही लोगों के दिल पर कर लिया राज
गुरु दत्त का जन्म 9 जुलाई 1925 को कर्नाटक के बेंगलुरु में हुआ था। महज चार दशक से भी कम उम्र का जीवन मिलने के बावजूद उन्होंने अपने काम से ऐसी अमिट छाप छोड़ी थी, जिसे आज भी सिनेमा प्रेमी भूल नहीं पाए हैं।

Guru Dutt

फिल्मों के जरिए लिखी सफलता की नई कहानी

गुरु दत्त उन फिल्मकारों में थे, जिन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए समाज, रिश्तों और इंसानी भावनाओं को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा था। उनके निर्देशन में बनी 'आर-पार', 'बाजी', 'प्यासा', 'कागज के फूल', 'चौदहवीं का चांद', 'साहिब बीबी और गुलाम' और 'भरोसा' जैसी फिल्मों को आज भी भारतीय सिनेमा की बेहतरीन कृतियों में गिना जाता है। उनकी फिल्मों की कहानी, संगीत और सिनेमैटोग्राफी आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है।

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गीता दत्त से शादी, फिर रिश्ते में ऐसे आईं दूरियां

जानकारी के अनुसार गुरु दत्त ने साल 1953 में हिंदी सिनेमा की मशहूर सिंगर गीता दत्त से शादी की थी। गुरु दत्त और गीता दत्त उस दौर की चर्चित जोड़ियों में शुमार थे। शादी के बाद उनके घर तीन बच्चों का जन्म हुआ था। शुरुआती सालों में दोनों का रिश्ता काफी मजबूत माना जाता था। हालांकि समय के साथ उनके रिश्ते में दरारें आने लगीं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और किताबों में प्रकाशित विवरणों के अनुसार शादी के कुछ सालों बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे और आखिरकार गीता दत्त ने पति गुरु दत्त से अलग होने का फैसला कर लिया।

वहीदा रहमान के साथ जुड़ा 'खास' रिश्ता

-गुरु दत्त की निजी जिंदगी में एक पल ऐसा आया जब उनका नाम हिंदी सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस वहीदा रहमान के साथ जुड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरु दत्त ने ही वहीदा रहमान को फिल्म 'सीआईडी' के जरिए हिंदी फिल्मों में बड़ा मौका दिया था। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं थीं। इस खास रिश्ते को लेकर इंडस्ट्री में भी चर्चा होने लगी थी।

-फिल्म सीआईडी की सफलता के बाद वहीदा रहमान फिल्म मेकर गुरु दत्त की मूवीज की मुख्य प्रेरणा बन गई थीं। दोनों ने साथ में 'प्यासा', 'कागज के फूल' और 'साहिब बीवी और गुलाम' जैसी फिल्मों में काम किया था। शूटिंग सेट पर ही दोनों एक दूसरे के करीब आ गए थे।

वहीदा रहमान के चलते बर्बाद हो गई थी गुरु दत्त की शादीशुदा जिंदगी

-कई रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि गुरु दत्त और वहीदा रहमान के अलग होने का मुख्य कारण फिल्म मेकर का पहले से शादीशुदा होना है। आपको बता दें कि गुरु दत्त पहले से ही मशहूर गायिका गीता दत्त के साथ शादी कर चुके थे। वहीदा रहमान की गुरु दत्त की जिंदगी में एंट्री होने के बाद ही तबाही मचनी शुरू हो गई। ऐसे में गुरु दत्त की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई।

-गीता दत्त काफी असुरक्षित महसूस करने लगीं और अफवाहें तक उड़ने लगीं कि गुरु दत्त एक्ट्रेस वहीदा रहमान से शादी करने के लिए धर्म बदलने वाले हैं। इन तनावों के कारण गीता दत्त अपने तीनों बच्चों को लेकर गुरु दत्त को छोड़कर चली गई थीं। 'गुरुदत्त द अनसेटिसफाइड स्टोरी' किताब में इस बात का जिक्र है कि गुरु दत्त की लाइफ में वहीदा रहमान के आने के बाद गीता दत्त ने कहा था- जब से वो हमारी जिंदगी में आई है, तब से जिंदगी नरक हो गई है'।

मानसिक और आर्थिक रूप से टूट गए थे गुरु दत्त

परिवार के टूटने और अपनी फिल्मों के खराब प्रदर्शन के कारण गुरु दत्त मानसिक और आर्थिक रूप से टूटने लगे थे। इसके बाद गुरु दत्त को अपनी गलती का अहसास हुआ और वह अपनी पत्नी गीता दत्त के पास उनसे माफी मांगने के लिए पहुंचे थे। वह चाहते थे कि गीता दत्त वापस उनके घर लौट आए। इसी बीच गुरु दत्त ने एक्ट्रेस वहीदा रहमान से दूरियां बनानी शुरू कर दी थीं। बाद में वहीदा रहमान ने भी खुद को इस तनावपूर्ण माहौल से अलग कर लिया था।

सफलता के पीछे छिपा था गहरा अकेलापन

प्रोफेशनल लाइफ में लगातार सफलता हासिल करने वाले गुरु दत्त की निजी जिंदगी उलझनों से भरने लगी थी। शादी टूटने और रिश्तों में आई दूरियों का असर उनके मानसिक जीवन पर पड़ा। कहा जाता है कि वह धीरे-धीरे अकेलेपन का शिकार हो गए थे और शराब की लत ने भी उनकी जिंदगी को गहराई से प्रभावित किया था। गुरु दत्त के करीबी लोगों के मुताबिक वह अपने जीवन के अंतिम वर्षों में काफी तनाव और भावनात्मक संघर्ष से गुजर रहे थे।

39 साल की उम्र में गुरु दत्त की हुई थी रहस्यमयी मौत

-9 अक्टूबर 1964 को गुरु दत्त अपनी फिल्म 'बहारे फिर भी आएंगी' की शूटिंग में बिजी थे लेकिन अगले ही दिन यानी 10 अक्टूबर 1964 को मुंबई स्थित अपने घर में वह मृत पाए गए। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 39 साल थी। उनकी इस रहस्यमयी मौत को लेकर सालों से अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं लेकिन आज भी इसके बारे में किसी के पास कोई सही जानकारी नहीं है।

-गुरु दत्त भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में, उनका दमदार निर्देशन और उनकी संवेदनशील कहानी कहने की कला आज भी उन्हें अमर बनाती है। हर पीढ़ी उनकी फिल्मों से कुछ नया सीखती है और यही वजह है कि दशकों बाद भी उनका नाम भारतीय सिनेमा के सबसे महान फिल्मकारों में सम्मान के साथ लिया जाता है।

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