ओडिशा में जोर पकड़ रही उकाम्बा हवाई पट्टी के पुनरुद्धार की मांग
सोशल वर्कर राधेश्याम पटनायक ने बताया कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली हवाई पट्टी 750 मीटर रनवे के साथ गुनूपुर शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर है।

ओडिशा के गंजम जिले में रंगीलुंडा हवाई पट्टी के एक्टिव होने के बाद, अब रायगड़ा जिले के गुनुपुर में उकांबा हवाई पट्टी को पुनर्जीवित करने की मांग जोर पकड़ रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस)- उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) के तहत 2024 तक 100 हवाई अड्डों के विकास की घोषणा के बाद ये मांग और बढ़ गई है।
समाजसेवी राधेश्याम पटनायक ने बताया कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली हवाई पट्टी 750 मीटर रनवे के साथ गुनूपुर शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर है। यदि इसे पुनर्जीवित किया जाता है, तो पर्यटन क्षेत्र के विकास के अलावा क्षेत्र में संचार और व्यापार और वाणिज्य सुविधाओं में सुधार होगा।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्मानंद पटनायक ने कहा, 'स्थानीय लोग लंबे समय से हवाई पट्टी को फिर से चालू करने की मांग कर रहे हैं। निकटतम हवाई अड्डा कोरापुट जिले के जयपुर में है जो उकम्बा हवाई पट्टी से लगभग 194 किमी दूर है जबकि आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम हवाई अड्डा लगभग 221 किमी दूर है। इसलिए संचार व्यवस्था को बेहतर करने के लिए यह जरूरी है कि यहां की हवाई पट्टी को चालू किया जाए।'
इस मांग को दोहराने के लिए गुनुपुर में जीआईईटी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सत्य प्रकाश पांडा ने 7 मार्च को राज्य के वाणिज्य, परिवहन और जल संसाधन मंत्री तुकुनी साहू और परिवहन और वाणिज्य विभाग की प्रमुख सचिव उषा पाढ़ी को इस मुद्दे के संबंध में पत्र लिखा था।
सत्य प्रकाश पांडा ने कहा, 'विमानन क्षेत्र का विस्तार हो रहा है और भविष्य में और पायलटों की नियुक्ति की जाएगी। विमान की मरम्मत के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरों की भी आवश्यकता है, जिसके लिए जीआईईटी विश्वविद्यालय द्वारा बीटेक छात्रों को विमान मरम्मत में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई जा रही है। इन मार्गों को चालू रखने के लिए यह आवश्यक है कि हवाई पट्टी को युद्धस्तर पर पुनर्जीवित किया जाए।'












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