दिल्ली सरकार की बड़ी पहल, मिलेगी 50 हजार की वित्तीय सहायता और पानी के बिल में छूट, जानिए कैसे
नई दिल्ली, 14 सितंबर। बारिश के पानी के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार ने 50 हजार की वित्तीय सहायता देने सहित पानी के बिल में 10 फीसदी छूट देने की घोषणा की है। जल मंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बैठक में कई निर्णय लिए ताकि रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को प्रोत्साहित किया जा सके।

पानी के बिल पर 10 फीसदी छूट के साथ साथ सरकार ने 100 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बने मकानों के मालिकों को भी राहत दी है। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने वाले अब बोर्ड के बजाय काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर में पंजीकृत आर्किटेक्ट से इसके लिए प्रमाण पत्र ले सकेंगे। सरकार ने इस सिस्टम को लगाने के लिए तारीख 31 दिसंबर 2021 तक के लिए बढ़ा दी है।
इनलाइन रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल के हैं कई फायदे
भूजल स्तर को बढ़ाने और वर्षा जल की बबार्दी को रोकते हुए इसके माकूल उपयोग के लिए दिल्ली सरकार ने कई प्रयोग किए हैं। इसके तहत डूंगरपुर (राजस्थान का जिला) रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल भी है। इसे 'इनलाइन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के नाम से जाना जाता है। जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि जल संचय के लिए नई तकनीक के जरिये बारिश के पानी को जल संचयन के लिए गड्ढे के बजाय सीधा बोरवेल में भेजना संभव है। खास बात ह है कि इस प्रणाली के तहत बारिश का पानी पाइप के अंदर ही फिल्टर हो जाता है, इसलिए अलग लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। पारंपरिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल की तुलना में यह काफी सस्ता भी है। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रभावी होने की वजह से बड़ी संरचनाओं की जरूरत नहीं है। पारंपरिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए 75 हजार से एक लाख रुपये का खर्च होता है जबकि इनलाइन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने में सिर्फ 16 हजार रुपए की लागत आती है।
50 फीसदी तक की वित्तीय सहायता
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर लागत का 50 फीसदी(अधिकतम 50 हजार रुपये) की वित्तीय सहायता देगी। दिल्लीवासियों के लिए पानी के बिलों पर 10 फीसदी की छूट भी दी जाएगी।
सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता
. 100 से 199.99 वर्ग मीटर की जमीन पर बने मकानों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की कुल लागत का 50 फीसद या 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता (जो भी कम हो) दी जाएगी
. 200 से 299.99 वर्ग मीटर की जमीन पर निर्मित मकानों के लिए यह राशि यह 20,000 रुपये होगी
. 300 से 399.99 वर्ग मीटर की जमीन पर निर्मित मकानों के लिए 30 हजार तक
. 400 से 499.99 वर्ग मीटर की जमीन पर निर्मित मकानों के लिए 40 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता
. 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्मित मकानों के लिए 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
100 वर्ग मीटर से बड़े मकानों के लिए सिस्टम जरूरी
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने 100 वर्ग मीटर या इससे क्षेत्र में निर्मित(मौजूदा और नए)मकानों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने को अनिवार्य कर दिया है। इसे सक्रिय रूप से लागू करने के लिए दिल्ली सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इसके तहत लोगों को वित्तीय सहायता और छूट भी शामिल है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को कुशलता पूर्वक लागू करने करने के लिए, डीजेबी ने दिल्ली के सभी जिलों में 12 जल शक्ति केंद्र स्थापित किए हैं। इससे लोगों को तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
भूजल की गुणवत्ता में होगा सुधार, मिट्टी का कटाव भी होगा कम
बारिश के पानी के संचय के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एक किफायती, सरल और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है। लगातार बढ़ती आबादी से पानी के संसाधनों पर भी बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दिल्लीवासियों की बढ़ती मांग के मुताबिक पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को व्यापक स्तर पर अपनाने की जरूरत है। इससे भूजल की गुणवत्ता में सुधार, मिट्टी के कटाव में कमी, स्टॉर्म ड्रेन में चोकिंग की समस्या और सड़कों पर बाढ़ को कम करना शामिल हैं।












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