दिल्ली हिंसा केस: हाई कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका की खारिज, दो को मिली राहत
नई दिल्ली, 14 सितंबर: दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान के एक मामले में दो आरोपियों सादिक और इरशाद अली की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि दो आरोपी शाहनवाज और मो. अय्यूब को कोर्ट से जमानत मिल गई है। उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों के दौरान हेड कांस्टेबल की हत्या और डीसीपी पर हमले के मामले में आरोपी शाहनवाज और मोहम्मद अय्यूब को जमानत दे दी। वहीं दो आरोपी सादिक और इरशाद अली की जमानत खारिज कर दी है।

जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने 16 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद मंगलवार को दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या के मामले के दो आरोपियों को बड़ा झटका मिला है। वहीं अन्य दो को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने पिछले महीने विस्तार से सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश पारित किया था। इस मामले में 11 आरोपियों ने अपनी जमानत याचिका लगाई थी, जिस पर आदेश सुरक्षित रखा गया था, वहीं अदालत ने उनमें से 4 आरोपियों पर आदेश पारित किया है।
बता दें कि इससे पहले 3 सितंबर को हाई कोर्ट ने पांच आरोपियों को जमानत दी थी, जिनमें मोहम्मद आरिफ, शादाब अहमद, फुरकान, सुवालीन और तबस्सुम शामिल हैं। मालूम हो कि 8 जून 2020 को क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने हेड कांस्टेबल रतनलाल की हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें बताया गया था कि दंगाई ने बच्चों और महिलाओं-बुजुर्गों को घर में रहने की कहकर बाहर बाहर खुद उत्पात मचाने निकले थे।












Click it and Unblock the Notifications