Jeff Bezos Rocket: जमीन पर ही फट गया जेफ बेजोस का रॉकेट, आसपास के मकान हिले, कितने अरब का नुकसान?- Video

Jeff Bezos Rocket: दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल और Amzon के मालिक Jeff Bezos की एयरोस्पेस कंपनी Blue Origin को बड़ा झटका लगा है। 29 मई को कंपनी के न्यू ग्लेन (New Glenn) रॉकेट के हॉट-फायर टेस्ट के दौरान लॉन्च फैसिलिटी सेंटर पर भयानक विस्फोट हो गया। यह घटना ब्लू ओरिजिन के लिए एक बड़ा तकनीकी और रणनीतिक झटका मानी जा रही है, क्योंकि कंपनी आने वाले समय में अपने बड़े अंतरिक्ष मिशनों की तैयारी कर रही थी।

कैसे हुआ धमाका?

यह विस्फोट भविष्य के लॉन्च मिशन की तैयारी के दौरान हुआ। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर इस हादसे के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फुटेज में देखा जा सकता है कि टेस्ट साइट से अचानक आग का विशाल गोला उठा और आसमान में घना धुआं फैल गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास का इलाका भी हिलता दिखाई दिया।

Jeff Bezos Rocket

ब्लू ओरिजिन ने क्या कहा?

ब्लू ओरिजिन ने घटना के बाद एक छोटा आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने इस हादसे को विसंगति (anomaly) बताया। बयान में कहा गया-

"आज के हॉट-फायर टेस्ट के दौरान एक विसंगति हुई। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। जैसे ही हमें और जानकारी मिलेगी, हम अपडेट साझा करेंगे।"

कंपनी ने फिलहाल हादसे की पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

क्या होता है हॉट-फायर टेस्ट?

हॉट-फायर टेस्ट किसी भी रॉकेट लॉन्च से पहले का सबसे महत्वपूर्ण स्टेप माना जाता है। इस प्रक्रिया में रॉकेट इंजन को जमीन पर सुरक्षित स्थिति में रखकर चालू किया जाता है। इसका मकसद यह जांचना होता है कि इंजन, ईंधन प्रणाली (fuel system) और बाकी तकनीकी हिस्से सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। यानी यह असली लॉन्च से पहले की फाइनल रिहर्सल जैसी प्रक्रिया होती है। अगर इस दौरान कोई गड़बड़ी होती है, तो वह पूरे मिशन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

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कितना हुआ नुकसान?

फिलहाल विस्फोट की असली वजह सामने नहीं आई है। लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक टेस्ट व्हीकल और आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। लॉन्च साइट पर मौजूद कई महंगे इक्विपमेंट भी प्रभावित हुए हैं। भले ही ब्लू ऑरिजन ने जानकारी न दी हो लेकिन जब हमने इसके एक एस्टिमेट प्राइज की जांच पड़ताल की तो पता चला कि 651 करोड़ रुपए से 1057 करोड़ रुपए के बीच इसकी लागत हो सकती है। साथ ही जो महंगे टेक्निकल इक्विपमेंट्स टूटे हैं उनका खर्चा अलग से। हालांकि ब्लू ओरिजिन ने अभी तक यह नहीं बताया कि इस हादसे का न्यू ग्लेन रॉकेट के लॉन्च शेड्यूल पर कितना असर पड़ेगा।

खुद जेफ बेजोस ने क्या कहा?

हादसे के तुरंत बाद जेफ बेजोस ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इस विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ है और जांच जारी है। उन्होंने कहा-

"सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि असली कारण क्या था, लेकिन हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें जो भी दोबारा बनाना पड़ेगा, हम बनाएंगे और उड़ान जारी रखेंगे। यह इसके लायक है।"

उनके इस बयान को कंपनी के आत्मविश्वास और लंबे अंतरिक्ष मिशन विजन से जोड़कर देखा जा रहा है।

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क्यों अहम है न्यू ग्लेन रॉकेट?

न्यू ग्लेन रॉकेट ब्लू ओरिजिन का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जाता है। यह 98 मीटर से ज्यादा ऊंचा भारी-भरकम रॉकेट है, जिसे बड़े सैटेलाइट्स और अंतरिक्ष यानों को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। ब्लू ओरिजिन इस रॉकेट के जरिए तेजी से बढ़ते कमर्शियल स्पेस मार्केट में अपनी मजबूत जगह बनाना चाहती है। कंपनी की सीधी टक्कर SpaceX जैसी कंपनियों से मानी जाती है।

रॉकेट टेस्ट में खतरा आम बात

स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट डेवलपमेंट को बेहद जोखिम भरा माना जाता है। कई बार बड़े रॉकेट लॉन्च से पहले टेस्टिंग के दौरान फेल हो जाते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि टेस्टिंग में असफलता अंतरिक्ष तकनीक का सामान्य हिस्सा है। इतिहास में कई सफल स्पेस कंपनियों को शुरुआती चरण में बड़े विस्फोट और टेक्निकल फेल्योर्स का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद बाद में वही सिस्टम सफल साबित हुए।

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अब आगे क्या करेगी ब्लू ओरिजिन?

फिलहाल कंपनी का पूरा फोकस विस्फोट की वजह पता लगाने, नुकसान का आकलन करने और न्यू ग्लेन प्रोग्राम को दोबारा ट्रैक पर लाने पर है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद यह साफ होगा कि ब्लू ओरिजिन इस बड़े झटके से कितनी जल्दी उबर पाती है। स्पेस इंडस्ट्री की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या ब्लू ओरिजिन अपने महत्वाकांक्षी मिशनों को समय पर पूरा कर पाएगी या नहीं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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