उत्तराखंड: देवस्थानम बोर्ड के अस्थायी कर्मियों के नियमितीकरण व वेतन विसंगतियों के निस्तारण के लिए बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर शासन ने उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के चार सौ से ज्यादा अस्थायी कर्मियों को स्थाई करने व वेतन विसंगति संबंधी प्रकरणों के निस्तारण के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है।
देहरादून, 19 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के चार सौ से ज्यादा अस्थायी कर्मियों को स्थाई करने व वेतन विसंगति संबंधी प्रकरणों के निस्तारण के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सचिव संस्कृति, धर्मस्व व तीर्थाटन एचसी सेमवाल ने बोर्ड के सीईओ को निर्देश दिए हैं। बता दें कि पूर्व दायित्वधारी एवं भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने कुछ समय पहले बोर्ड के अस्थायी कर्मियों का मसला मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था।

भाजपा नेता एवं बोर्ड के अस्थायी कर्मचारी संघ के संरक्षक अजेंद्र ने पिछले माह अस्थायी कार्मिकों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री एवं बोर्ड के अध्यक्ष सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड (पूर्व में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति) में ऐसे कर्मचारियों की बड़ी संख्या है, जो 20-25 वर्ष से अस्थायी तौर पर कार्यरत हैं। इनमें कई अस्थायी कर्मियों को सामान्य जीवनयापन करने लायक वेतन तक नहीं मिलता है, जबकि वे बदरीनाथ, केदारनाथ, मध्यमेश्वर जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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पत्र में अजेंद्र ने यह भी उल्लेख किया कि कई अस्थायी कार्मिक सेवानिवृत्ति के करीब हैं और ऐसे में यदि वह नियमित नहीं हुए तो उन्हें पेंशन आदि की सुविधा से भी वंचित रहना पड़ेगा। यह समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के भी विपरीत है। उन्होंने इन कार्मिकों के नियमितीकरण, वेतन विसंगति समेत अन्य प्रकरणों के निस्तारण के लिए समिति के गठन का सुझाव दिया था।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अब सचिव संस्कृति, धर्मस्व एवं तीर्थाटन ने इस संबंध में बोर्ड के सीईओ को निर्देश जारी किए हैं। उधर, भाजपा नेता अजेंद्र ने बोर्ड के अस्थायी कार्मिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।












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