PM Modi Sweden: पीएम मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान, 31वें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के साथ रचा इतिहास
PM Modi Royal Order of Polar Star Award: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार' से नवाजा गया है। रविवार को अपनी दो दिवसीय यात्रा पर स्वीडन पहुंचे पीएम मोदी का वहां के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने भव्य स्वागत किया।
यह सम्मान न केवल पीएम मोदी के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है, क्योंकि यह किसी भी विदेशी सरकार के प्रमुख को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। यह उनके कार्यकाल का 31वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है, जो भारत और स्वीडन के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है।

स्वीडन का सबसे बड़ा सम्मान
पीएम मोदी को मिला 'कमांडर ग्रैंड क्रॉस' सम्मान स्वीडन का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह खास तौर पर उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने दो देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में असाधारण काम किया हो। यह पुरस्कार मिलना इस बात का सबूत है कि दुनिया आज भारत की अहमियत को समझ रही है। इससे पहले 2018 में भी पीएम मोदी स्वीडन गए थे, लेकिन इस बार का यह सम्मान दोनों देशों की दोस्ती को एक नई ऊंचाई पर ले गया है।
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व्यापार और निवेश पर चर्चा
भारत और स्वीडन के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। साल 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 7.75 बिलियन डॉलर (लगभग 65 हजार करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस आंकड़े को और बढ़ाने पर सहमति जताई। स्वीडन की कई बड़ी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, जिससे रोजगार के नए मौके बन रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य आने वाले सालों में इस साझेदारी को दोगुना करना है।
तकनीक और रक्षा में सहयोग
स्वीडन अपनी आधुनिक टेक्नोलॉजी और रक्षा उपकरणों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। मुलाकात के दौरान रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' के तहत मिलकर काम करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, नई तकनीक और इनोवेशन को लेकर भी कई अहम समझौते हुए। दोनों देश चाहते हैं कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए वे एक-दूसरे की मदद करें, ताकि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत और स्वीडन मिलकर दुनिया को नई दिशा दे सकें।
भविष्य की नई राहें
इस यात्रा का मकसद सिर्फ पुराने रिश्तों को दोहराना नहीं, बल्कि नए क्षेत्रों में हाथ मिलाना भी है। इसमें पर्यावरण की सुरक्षा, क्लीन एनर्जी और डिजिटल क्रांति जैसे मुद्दे शामिल हैं। पीएम मोदी और उल्फ क्रिस्टरसन ने भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। यह दौरा न केवल व्यापारिक लिहाज से सफल रहा, बल्कि इसने नॉर्डिक देशों के साथ भारत के जुड़ाव को और भी गहरा कर दिया है, जिससे आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।












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