Australia: पंजाबियों को डराने वाले संगठन पर ऑस्ट्रेलिया सरकार का तगड़ा एक्शन, अब सीधे होगी 15 साल की जेल
Australia Neo Nazi Group Ban: ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय और पंजाबी समुदाय के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। वहां की सरकार ने नफरत फैलाने वाले और पंजाबियों को डराने-धमकाने वाले 'न्यू नाजी' संगठन (नेशनल सोशलिस्ट नेटवर्क) को हमेशा के लिए बैन कर दिया है।
गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस पर कड़ा फैसला लेते हुए साफ किया है कि अब इस ग्रुप से जुड़ने या इसकी मदद करने वाले को 15 साल तक की जेल हो सकती है। यह संगठन पिछले काफी समय से मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में भारतीयों, खासकर पगड़ीधारी पंजाबियों को निशाना बना रहा था।

Australia Punjabi community news: क्या है यह संगठन और क्यों लगा बैन?
यह ऑस्ट्रेलिया का एक न्यू नाजी संगठन है जिसका नाम 'नेशनल सोशलिस्ट नेटवर्क' है। इसकी शुरुआत साल 2020 में थॉमस सेवेल नाम के एक पूर्व सैनिक ने की थी। यह ग्रुप एडोल्फ हिटलर की विचारधारा पर चलता है और इनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ गोरे लोगों का है। ये लोग सोशल मीडिया और रैलियों के जरिए समाज में नफरत फैला रहे थे। देश में शांति बनाए रखने और हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने 15 मई 2026 को इस पर पूरी तरह ताला लगा दिया।
पंजाबियों को कब-कब बनाया निशाना?
इस संगठन ने पिछले कुछ सालों में भारतीय और पंजाबी समुदाय को जमकर परेशान किया। मई 2023 में मेलबर्न में एक रैली निकालकर इन्होंने भारतीय छात्रों और कामगारों को देश से बाहर निकालने के नारे लगाए। इसके बाद जनवरी 2024 में सिडनी रेलवे स्टेशन पर काले कपड़े पहनकर इन लोगों ने पंजाबियों की पगड़ी और उनके लुक को लेकर गंदी टिप्पणियां कीं और उन्हें डराया। साल 2025 में भी इन्होंने सोशल मीडिया पर पंजाबियों की आबादी को लेकर नफरत भरा अभियान चलाया था।
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'कृपाण' कनेक्शन और इस विवाद का सच
सिख धर्म में 'कृपाण' को पवित्र और आस्था का प्रतीक माना जाता है, जिसे सिख हमेशा अपने साथ रखते हैं। लेकिन इस न्यू नाजी संगठन ने ऑस्ट्रेलियाई लोगों को भड़काने के लिए इस धार्मिक प्रतीक का गलत इस्तेमाल किया। रैलियों और सोशल मीडिया पर इन्होंने 'कृपाण' को एक हथियार की तरह पेश किया और यह झूठ फैलाया कि सिख समुदाय के लोग स्थानीय लोगों के लिए खतरा हैं। इस गलत प्रचार का मकसद ऑस्ट्रेलिया के लोगों के मन में पंजाबियों के खिलाफ डर और नफरत पैदा करना था।
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कानून तोड़ने पर मिलेगी 15 साल की जेल
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने इस बार बेहद सख्त रुख अपनाया है। नए नियमों के मुताबिक, इस संगठन पर लगा यह प्रतिबंध हमेशा के लिए लागू रहेगा। अब यदि कोई भी व्यक्ति इस ग्रुप की रैलियों में जाता है, इनका नाजी सिंबल या सैल्यूट इस्तेमाल करता है, सोशल मीडिया पर इनका प्रचार करता है या इन्हें किसी भी तरह का पैसा (फंडिंग) देता है, तो उसे सीधा अपराधी माना जाएगा। इस जुर्म के लिए सरकार ने सीधे 15 साल तक की जेल की सजा तय की है।












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