झारखंड के बच्चे बनेंगे स्मार्ट, खोले जा रहे हैं मॉडल स्कूल, शिक्षकों को मिल रही स्पेशल ट्रेनिंग

रांची, 22 जनवरी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की झारखण्ड में शिक्षा के स्तर में सुधार की परिकल्पना जल्द ही आकार लेने वाली है। गरीब, किसान, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा दिलाने के लिए झारखंड में पंचायत स्तर पर माडल स्कूल खोले जा रहे हैं। माडल स्कूल के निर्माण की मानिटरिंग मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं, ताकि झारखंड के बच्चों को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से आच्छादित किया जा सके। वर्तमान में करीब 80 माडल स्कूलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

Children of Jharkhand will become smart model schools are being opened

प्रखंड स्तर पर 325 प्राधनाध्यापकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
स्कूल संचालन का नेतृत्व करने वाले प्रधानाध्यापकों की क्षमता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य जारी है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रखंड स्तर पर 325 प्राधनाध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 176 प्राधनाध्यापकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। शेष का प्रशिक्षण 31 जनवरी 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 740 शिक्षकों ने भाग लिया है।

शैक्षिक परिदर्शन के जरिये किया जा रहा है क्षमता विकास
10 सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्कूलों में विषयवार पदस्थापित शिक्षकों की तकनीकी क्षमता के विकास एवं कक्षा संचालन प्रक्रिया, छात्र केंद्रित अध्यापन के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। एससीईआरटी एवं डाइट को पूर्ण रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिये प्रभावी बनाया गया है। साथ ही, शिक्षकों के मूल्यांकन की सतत व्यवस्था, झारखंड शिक्षक परिवर्तन दल के माध्यम से विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार, प्रेरणा शिविर, शिक्षकों का शैक्षिक परिदर्शन समेत अन्य उन्मुखी कार्यक्रमों के जरिये क्षमता विकास किया जा रहा है।

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सीबीएसई से एफिलिएटेड होंगे स्कूल
झारखंज के प्रस्तावित उत्कृष्ट विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्धता दिलाई जाएगी। इस तरह आदर्श विद्यालय योजना के तहत 80 स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में योजना का विस्तार करते हुए लगभग 15 लाख बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। आदर्श विद्यालय योजना को राय के लिये फ्लैगशिप योजना के रूप में लिया गया है, ताकि सरकारी विद्यालयों को पहुंच, समानता और गुणवत्ता की उत्कृष्टता में राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप बनाया जा सके।

पढ़ने की क्षमता के साथ अंग्रेज़ी बोलने का विकास भी
मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राएं पाठ्यपुस्तक पढ़ सकने की क्षमता प्राप्त कर सकें, इसके लिए आओ पढ़ें, खूब पढ़ें पठन अभियान शुरू करने की योजना पर सरकार कार्य कर रही है। पठन सामग्री के रूप में पाठ्यपुस्तकें, कहानियां, आलेख एवं शब्दों को पढ़ने का अभ्यास कराया जायेगा। साथ ही बच्चों में अंग्रेज़ी बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए इस क्षेत्र में काम कर रही संस्थाएं और एनसीआरटी, एनईआईपी का सहयोग लिया जायेगा। स्कूलों में लैंग्वेज लैब की स्थापना के साथ स्पोकेन इंग्लिश कोर्स तैयार कर विद्यालयों में संचालित किया जाएगा।

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